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Indian Navy: 'नौसेना हर तरीके से भारत के समुद्री हितों की रक्षा करेगी', नौसेना प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी का बयान

Sun, 09 Feb 2025 03:21 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नौसेना प्रमुख ने कहा, 'हम आपकी शानदार विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और भारतीय नौसेना भारत के समुद्री हितों की रक्षा करना जारी रखेगी।'
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नौसेना प्रमुख और पूर्व प्रमुख - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने कहा है कि नौसेना किसी भी समय, कहीं भी और किसी भी तरह से भारत के समुद्री हितों की रक्षा करना जारी रखेगी। नौसेना प्रमुख ने शनिवार को यहां नए नौसेना भवन में आयोजित भारतीय नौसेना प्रमुखों के सम्मेलन में यह टिप्पणी की। नौसेना ने रविवार को एक बयान में कहा कि इस सम्मेलन का उद्देश्य, सम्मेलन में शामिल हुए आठ पूर्व नौसेना प्रमुखों के सामूहिक अनुभव और ज्ञान से लाभ उठाना है।
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नौसेना की नीतिगत पहल और रणनीति पर हुई चर्चा
नौसेना के प्रवक्ता ने कहा कि इन पूर्व प्रमुखों को नौसेना की नीतिगत पहल, तकनीकी, सामग्री और परिचालन रसद और परिचालन को लेकर अपडेट दिया गया। बयान में नौसेना प्रमुख के हवाले से कहा गया, 'हम आपकी शानदार विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और भारतीय नौसेना भारत के समुद्री हितों की रक्षा करना जारी रखेगी, किसी भी समय, कहीं भी, किसी भी तरह।' विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक तकनीकों और रणनीतिक नवाचारों को अपनाकर भारतीय नौसेना को एक शक्तिशाली और आत्मनिर्भर समुद्री बल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। भारतीय नौसेना प्रमुखों का सम्मेलन 2025, संस्थागत निरंतरता और रणनीतिक सोच के महत्व को दर्शाता है।

किताब का किया गया विमोचन
सम्मेलन के दौरान एक सत्र 'मंथन' का आयोजन किया गया, जिसमें महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया, जिससे उभरते भू-राजनीतिक परिदृश्य और युद्ध और समुद्री रणनीति के भविष्य चर्चा हुई। सम्मेलन के दौरान 'लीगेसी ऑफ लीडरशिप: नेवल चीफ्स थ्रू टाइम' नामक पुस्तक का विमोचन किया गया, जिसमें पूर्व नौसेना प्रमुखों से जुड़ी प्रेरक घटनाओं का वर्णन किया गया है। दिल्ली में स्थित नौसेना भवन, नौसेना का मुख्यालय है। पहले नौसेना 13 अलग-अलग स्थानों से संचालित होती थी, जिससे समन्वय की परेशानी होती थी। चार मंजिला नौसेना भवन के निर्माण में आधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है। 
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