अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने एक बड़े मानव तस्करी गिरोह पर शिकंजा कसते हुए भारतीय मूल के दंपती और उनकी कई कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस कार्रवाई के तहत विक्रांत भारद्वाज, उनकी पत्नी इंदु रानी, और ‘भारद्वाज ह्यूमन स्मगलिंग ऑर्गेनाइजेशन (एचएसओ) ’ से जुड़ी 16 कंपनियों को अमेरिकी प्रतिबंध सूची में शामिल किया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, कैनकून (मेक्सिको) स्थित यह गिरोह यूरोप, मध्य पूर्व, दक्षिण अमेरिका और एशिया के देशों से अवैध रूप से लोगों को अमेरिका पहुंचाने का काम करता था। यह नेटवर्क समुद्र और हवाई मार्ग से लोगों को अमेरिका की सीमा तक लाता था और इसके लिए लाखों डॉलर वसूलता था।
ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में भी शामिल
अमेरिकी ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने बताया कि यह संगठन ड्रग तस्करी, रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों में भी शामिल था। विक्रांत भारद्वाज और उनकी पत्नी के अलावा मेक्सिको, भारत और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित कई रियल एस्टेट और हॉस्पिटैलिटी कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं। अमेरिकी ट्रेजरी ने कहा कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर मानव तस्करी नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। प्रतिबंध के बाद अमेरिका में इन व्यक्तियों और कंपनियों की सभी संपत्तियां जब्त कर ली जाएंगी।