राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने यहां आवश्यक वस्तुओं की लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करते हुए सड़कों पर उतरने का फैसला किया है। दूसरी ओर, भाजपा ने भी विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में जारी हिंसा के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों की कीमतों में लगातार वृद्धि के बावजूद सरकार इन पर अंकुश लगाने की दिशा में कोई कदम नहीं उठा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी ने पार्टी के तमाम कार्यकर्ताओं से ब्लाकस्तर पर लोगों के बीच पहुंच कर उनको यह बताने का निर्देश दिया है कि तृणमूल सरकार किस तरह केंद्रीय परियोजनाओं को अपनी बताते हुए पीठ थपथपा रही है। उन्होंने मूल्यवृद्धि के विरोध में 25 जून को महानगर में एक रैली आयोजित करने का एलान किया है। विधानसभा चुनावों में जीत के चलते प्रमुख विपक्षी पार्टी का दर्जा मिलने के बाद चौधरी ने संगठन को मजबूत करने की भी कवायद शुरू कर दी है। वर्ष 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने तमाम जिले के नेताओं से मुलाकातों का सिलसिला शुरू किया है। इस दौरान उनको तृणमूल सरकार के खिलाफ पार्टी की भावी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बढ़ती कीमतों का सीधा लाभ बिचौलियों को मिल रहा है। सरकार का कीमत तय करने के तंत्र पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा में बहस की अनुमति भी नहीं दे रही है।
ध्यान रहे कि इससे पहले वामपंथी पार्टियां भी आवश्यक वस्तुओं की ऊंची कीमतों के लिए बिचौलियों को जिम्मेदार ठहरा चुकी हैं।
दूसरी ओर, विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हिंसा जारी रखने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने भी सरकार के खिलाफ नए सिरे से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। सिलीगुढ़ी में आयोजित पार्टी की दो-दिवसीय प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव भी पारित किया गया है। भाजपा के एक नेता ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने भी अगले लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन में प्रदेश समिति को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिया है।
Published By Rahul Sankrityayan