पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि तौकीर को दिल्ली के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि तौकिर कई आईटी कंपनियों में काम कर चुका है और वो एक बम एक्सपर्ट भी है। तौकिर एक और आतंकी संगठन सिमी का प्रमुख भी बना था। इतना ही नहीं जब अहमदाबाद ब्लास्ट के बाद 29 संदिग्ध स्टूडेंट्स मिले थे, उन्होंने भी तौकीर का नाम जांच में लिया था। एनआईए ने तौकीर पर चार लाख रुपये का ईनाम भी रखा हुआ था।
<blockquote class="twitter-tweet" data-lang="en"><p lang="en" dir="ltr">We have arrested India most wanted terrorist Abdul Subhan Qureshi who is also the founder of Indian Mujahideen. He was again trying to revive Indian Mujahideen: DCP Pramod Kushwaha, Special Cell <a href="https://twitter.com/hashtag/Delhi?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#Delhi</a> <a href="https://t.co/lAemT8b7Er">pic.twitter.com/lAemT8b7Er</a></p>— ANI (@ANI) <a href="https://twitter.com/ANI/status/955338618666549253?ref_src=twsrc%5Etfw">January 22, 2018</a></blockquote>
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बता दें कि
पी चिदंबरम जब गृहमंत्री थे, तो उन्होंने 50 वॉन्टेड लोगों की लिस्ट जारी की थी और इस लिस्ट में आईएम के आतंकी कुरैशी का नाम भी शामिल था। मुजाहिद्दीन के लड़कों को ब्लास्ट के लिए उकसाने का काम कुरैशी ही करता था।
दिल्ली नहीं देश के कई राज्यों को बम से दहलाने वाली वारदातों में कुरैशी का हाथ शामिल रहा है। पुलिस की जानकारी के मुताबिक 2008 के बम ब्लास्ट में मुजाहिद्दीन के जिन लड़कों को पकड़ा गया था, उन्होंने ने भी जांच में कुरैशी का नाम लिया था। इतना ही नहीं गुजरात में हुए ब्लास्ट में भी कुरैशी का हाथ था।
ऑनलाइन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुरैशी को जिस वक्त गिरफ्तार करने की कोशिशें की जा रही थी, उस दौरान उसने स्पेशल सेल के लोगों पर फायरिंग भी की। लेकिन बाद में उसे धर दबोच लिया गया।
पेशे के इंजीनियर कुरैशी को भारत का लादेन भी कहा जाता है। 11 जुलाई 2006 में मुंबई ब्लास्ट के बाद से कुरैशी पुलिस ही नहीं खुफिया एजेंसियों की रडार पर भी था। साथ ही दिल्ली, बंगलूरु और अहमदाबाद में हुए ब्लास्ट में भी कुरैशी की भूमिका अहम रही थी।