सिख जत्थे के साथ 10 दिन की तीर्थयात्रा पर पाकिस्तान गया एक भारतीय व्यक्ति लापता हो गया है। पुलिस ने बताया कि सिख जत्था शनिवार को लौट आया लेकिन 24 वर्षीय अमरजीत सिंह उनके साथ नहीं था। अमृतसर के एसएसपी (ग्रामीण) परमपाल सिंह ने कहा, 'बैसाखी मनाने और पाकिस्तान के विभिन्न गुरुद्वारों का दौरा करने के बाद सिख तीर्थयात्रियों का समूह शनिवार को वापस लौटा आया। लेकिन अमरजीत सिंह जत्थे के साथ नहीं था।
बैसाखी मनाने 12 अप्रैल को 10 दिन की यात्रा पर पाक गया था सिख जत्था
अमरजीत अन्य तीर्थयात्रियों के साथ 12 अप्रैल को पाकिस्तान गया था। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिख जत्थे के भारत लौटने के बाद उसके लापता होने की जानकारी मिली। अन्य तीर्थयात्रियों की तरह अमरजीत का पासपोर्ट भी एवैक्यू ट्रस्ट प्रोपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) के पास था। अधिकारियों ने अमरजीत के निर्धारित समय पर पासपोर्ट वापस लेने नहीं आने पर उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
ननकाना साहिब से लाहौर पहुंचने पर हुआ लापता
रिपोर्ट के अनुसार प्राथमिक जांच की मानें तो अमरजीत ननकाना साहिब से लाहौर पहुंचने पर लापता हुआ। उसकी तलाश जारी है। इससे पहले, जत्थे की एक अन्य सदस्य किरण बाला भी वापस नहीं लौटी थी। उसने कथित तौर पर इस्लाम कुबूल कर पाकिस्तान में एक मुसलमान से शादी कर ली थी। किरण और अमरजीत दोनों एक ही जत्थे में शामिल थे।
उधर पाकिस्तान में मौजूद भारतीय अधिकारियों को सौंपे पत्र में किरन ने खुद को अमीना बीबी बताया है। इसमें लिखा है, ''मौजूदा हालात में इस पर दस्तखत करने वाला शख्स अब भारत नहीं जा पाएगा। उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है, इसलिए वो वीजा की मियाद बढ़ाने की दरख्वास्त करती है।
अमीना बीबी ने कहा, ''मैं मोहम्मद आजम को मैं डेढ़ साल से जानती हूं। हम सोशल मीडिया पर मिले थे और फिर नंबर एक्सचेंज हुए, बातचीत होने लगी। उन्होंने कहा, ''हम दोनों के बीच छह-सात महीने बाद शादी की प्लानिंग होने लगी और मैंने पाकिस्तान वीजा हासिल करने के लिए कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी।''