नेशनल मेडिकल कमीशन बिल 2017 को मंगलवार को विचारार्थ संसद की स्थायी समिति को भेज दिया गया। समिति इस बारे में अपनी रिपोर्ट बजट सत्र से पहले पेश करेगी। संसद का बजट सत्र इस महीने के अंत में शुरू होने की संभावना है। इस विधेयक का इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने विरोध किया है।
शून्यकाल के दौरान
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने इस विषय को उठाते हुए कहा था कि इस विधेयक के विरोध में डाक्टर हड़ताल पर जाने की बात कह रहे हैं। भोजनावकाश के बाद लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, अन्ना द्रमुक, एनसीपी, तेदेपा और कुछ दूसरे दलों ने नेशनल मेडिकल कमीशन बिल को स्थायी समिति के पास भेजने के लिए कहा है। हम कहना चाहते हैं कि सरकार इसे स्थायी समिति के पास भेजने को तैयार है।
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उन्होंने यह भी कहा कि मोदी सरकार का मकसद मेडिकल शिक्षा व्यवस्था को साफ-सुथरा करना है। इस विधेयक को जल्द पारित किए जाने की जरूरत है। ऐसे में आपसे (लोकसभा अध्यक्ष) आग्रह है कि आप स्थायी समिति से कहें कि वह अगले बजट सत्र से पहले रिपोर्ट सौंप दे ताकि विधेयक को बजट सत्र में पारित कराया जा सके।
इसके बाद अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि इस विधेयक को स्थायी समिति के पास भेजा जाता है और वह बजट सत्र से पहले अपनी सिफारिशें सौंप दे। इससे पहले स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार आंदोलनकारी डॉक्टरों के प्रतिनिधियों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पिछले सप्ताह पेश इस बिल से चिकित्सा क्षेत्र के पेशेवरों को लाभ मिलेगा।