देशभर की आईआईटी को बेशक अंतरराष्ट्रीय स्तर के शिक्षण संस्थानों में काफी पीछे रखा जाता हो लेकिन उनकी काबिलियत का डंका दुनिया ने कई बार माना है। इन्हीं आईआईटी से पढ़कर निकले छात्र आज गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दुनिया की टॉप कंपनियों का नेतृत्व कर रहे हैं।
एक बार फिर आईआईटी की काबिलियत का लोहा पूरी दुनिया ने माना है, भारत के ये उच्च इंजीनियरिंग संस्थान स्टार्टअप शुरू करने वाले छात्रों को तैयार करने के मामले में चौथे पायदान पर है।
इंग्लैंड स्थित अकाउंटिंग एंड पेयरोल कंपनी ने अपने शोध में बताया है कि दुनियाभर में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण स्टार्टअप जिन छात्रों ने दिए हैं उन्हें तैयार करने के मामले में भारत के आईआईटी की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए शोध में उसे चौथे स्थान पर रखा गया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार शोध के बाद कंपनी ने शुक्रवार को ऐसे उच्च शिक्षण संस्थानों की घोषणा की जहां से पढ़कर निकले छात्रों ने सबसे महत्वपूर्ण स्टार्टअप शुरू किए हैं। खास बात ये है कि सूची में पहले तीन स्थानों पर अमेरिका के विश्वविद्यालय हैं।
फ्लिपकार्ट और स्नैपडील कंपनी का नाम भी लिस्ट में शामिल
उनके बाद अगला नंबर भारतीय आईआईटीज का है। सूची के अनुसार पहले नंबर पर अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी है जिसके 51 के करीब छात्र ऐसे स्टार्टअप्स के फाउंडर हैं जिनका काफी महत्वपूर्ण स्थान है।
दूसरे नंबर पर 37 संस्थापक छात्रों के साथ हावर्ड यूनिवर्सिटी और तीसरे पर कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी है जिसके 18 छात्र विश्वप्रसिद्ध स्टार्टअप के फाउंडर हैं वहीं 12 स्टार्टअप के साथ भारत की आईआईटीज हैं।
एक अरब डॉलर के बाजार पूंजीकरण वाले स्टार्टअप को इस सूची में रखा गया है। भारत के भी दस से ज्यादा बड़े स्टार्टअप को इसमें रखा गया है जिसमें ई कामर्स वेबसाइट फ्लिपकार्ट, स्नेपडील, शॉपक्लूज और ओला आदि के नाम प्रमुख हैं।
इसके अलावा रेस्टोरेंट एग्रीगेटर जोमेटो, क्लासीफाइड विज्ञापन देने वाला क्विकर, डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम, मोबाइल एडटेक प्लेयर इनमोबी, मैसेजिंग एप हाइक और एनालिस्ट कंपनी एमयू सिगमा का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टार्टअप में शुमार है।
प्रमुख बात ये है कि इन्हें शुरू करने वाले ज्यादातर होनहार विभिन्न आईआईटी के ही छात्र हैं। इनमें भी सबसे आगे दिल्ली आईआईटी है। जिसके कई छात्रों ने बड़े स्टार्टअप शुरू कर खूब नाम कमाया है।
दिल्ली आईआईटी के छात्र सबसे आगे
यहां तक की दिल्ली आईआईटी के ड्रॉपआउट छात्र भी ऐसे स्टार्टअप शुरू करने में सबसे आगे हैं जिनकी गिनती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होती है। इनमें फ्लिपकार्ट के संस्थापक सचिन और बिन्नी बंसल के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके अलावा शॉप क्लूज के संजय सेठी, जोमेटो के संस्थापक दीपेंदर गोयल और पंकज चड्ढा, स्नेपडील के रोहित बंसल और क्विकर के प्रणय चुलेट और जिबी थॉमस भी दिल्ली आईआईटी के ही पूर्व छात्र हैं। वहीं ओला के फांउडर भवीश अग्रवाल और अंकित भाटी आईआई बांबे के, इनमोबी के फाउंडर नवीन तिवारी, अभय सिंघल और अमित गुप्ता आईआईटी कानपुर के छात्र हैं।
आईआईटी बांबे के पूर्व छात्र रहे और वर्तमान में दिल्ली आईआईटी के निदेशक वी रामगोपाल राव बताते हैं कि आईआईटी में अच्छे छात्र और काबिल शिक्षक तैयार किए जाते हैं।
दिल्ली आईआईटी में दशकों से छात्रों को काबिल बनाने की संस्कृति पर जोर दिया जा रहा है। यहां के छात्र समाज की समस्याओं और जरूरतों को नजदीकी से समझते हैं और उनकी समस्याओं को तकनीक के माध्यम से दूर करने पर जोर देते हैं। उनकी यही खूबी उन्हें काबिल एंटरप्रेन्योर बनाती है।