पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त गौतम बंबावले ने पड़ोसी देश को शायराना अंदाज में सीख दी है। कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए बंबावले ने कहा कि शीशे के घरों में रहने वाले लोगों को दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए।
कश्मीर मसले और बलूचिस्तान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों जगहों पर समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि शीशे के घरों में रहने वाले लोगों को दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए।
कश्मीर मसले को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए उन्होंने कहा , 'भारत और पाकिस्तान दोनों जगहों पर समस्याएं हैं और आपको (पाकिस्तान) समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। न कि दूसरे देशों की समस्याओं में हस्तक्षेप करने पर।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर उच्चायुक्त ने कहा, 'स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने जो कहा वह उन्हें मिले पत्रों के संदर्भ में था।' बंबावले सोमवार को कराची काउंसिल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पर बोल रहे थे।
साथ मिलकर आतंक की जड़ तक पहुंचें
उन्होंने कहा कि भारत सरकार हमेशा कहती रहीं है कि आइए साथ मिलकर काम करते हैं और आतंक की जड़ तक पहुंचते हैं। आतंकवाद सिर्फ पाकिस्तान के लिए सरदर्द नहीं है, बल्कि भारत और पूरी दुनिया के लिए भी परेशानी का सबब है।
बंबावले ने कहा कि दोनों देशों को केवल एक मुद्दे पर बात नहीं करनी चाहिए। बल्कि सभी मुद्दों पर बात करनी चाहिए।
नवंबर में होने वाले सार्क समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिस्सा लेने के सवाल पर भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री सार्क समिट में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद के दौरे को सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब जबकि दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच ऑपरेशनल लेवल पर संपर्क होना चाहिए। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने इस आशय की खबर की है।