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भारतीय उच्चायुक्त की पाक को नसीहत, कश्मीर छोड़ो, व्यापार पर ध्यान दो

Tue, 06 Sep 2016 09:08 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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गौतम बंबावले - फोटो : Getty Images
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पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त गौतम बंबावले ने पड़ोसी देश को शायराना अंदाज में सीख दी है। कश्मीर को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए बंबावले ने कहा कि शीशे के घरों में रहने वाले लोगों को दूसरों के घरों पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए। 
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कश्मीर मसले और बलूचिस्तान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि भारत और पाकिस्तान दोनों जगहों पर समस्याएं हैं। उन्होंने कहा कि शीशे के घरों में रहने वाले लोगों को दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए। 

कश्मीर मसले को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए उन्होंने कहा , 'भारत और पाकिस्तान दोनों जगहों पर समस्याएं हैं और आपको (पाकिस्तान) समस्याओं को सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। न कि दूसरे देशों की समस्याओं में हस्तक्षेप करने पर।'
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर उच्चायुक्त ने कहा, 'स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने जो कहा वह उन्हें मिले पत्रों के संदर्भ में था।' बंबावले सोमवार को कराची काउंसिल की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय पर बोल रहे थे। 

साथ मिलकर आतंक की जड़ तक पहुंचें

उन्होंने कहा कि भारत सरकार हमेशा कहती रहीं है कि आइए साथ मिलकर काम करते हैं और आतंक की जड़ तक पहुंचते हैं। आतंकवाद सिर्फ पाकिस्तान के लिए सरदर्द नहीं है, बल्कि भारत और पूरी दुनिया के लिए भी परेशानी का सबब है। 

बंबावले ने कहा कि दोनों देशों को केवल एक मुद्दे पर बात नहीं करनी चाहिए। बल्कि सभी मुद्दों पर बात करनी चाहिए।

नवंबर में होने वाले सार्क समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हिस्सा लेने के सवाल पर भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि प्रधानमंत्री सार्क समिट में हिस्सा लेने के लिए इस्लामाबाद के दौरे को सकारात्मक नजरिए से देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब जबकि दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच ऑपरेशनल लेवल पर संपर्क होना चाहिए। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने इस आशय की खबर की है। 
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- फोटो : PTI file
गौरतलब है कि पिछले एक डेढ़ महीने में भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच दोस्ताना स्तर पर बातचीत हुई है। इसके साथ ही साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल को-ऑपरेशन की बैठक भी हुई है। 

बंबावले ने भारत और पाकिस्तान के बीच बेहतर व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा देने की बात की और कहा कि राजनीतिक मसलों को सुलझाने में समय लग सकता है। 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को भारत को मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा देना चाहिए। ज्यादा से ज्यादा ट्रेड फेयर होने चाहिए और बड़ी संख्या में पाकिस्तानी व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल को भारत का दौरा करना चाहिए।

चीन के साथ विवाद, फिर भी चल रहा व्यापार
बंबावले ने कहा कि इसके अलावा कोई विकल्प नहीं है, लेकिन कदम दर कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के रिश्ते को व्यापार और बिजनेस के जरिए सामान्य बनाया जा सकता है। 

उन्होंने कहा कि भारत-पाकिस्तान को 2012 में तैयार रोडमैप को जल्द से जल्द लागू करना चाहिए। दोनों देशों के बीच केवल 2.5 अरब रुपये का सालाना व्यापार है, जबकि इसकी क्षमता 20 अरब अमेरिकी डॉलर हो सकती थी। 

भारतीय उच्चायुक्त ने कहा कि चीन के साथ हमारा सीमा विवाद है, लेकिन हमने उनके साथ दूसरे ढंग से रिश्ता बनाया और आज चीन, भारत का सबसे बड़े व्यापारिक सहयोगी देशों में से एक है। 

उन्होंने कहा कि हमें सबसे नीचे लटके फल को पकड़कर शुरुआत करनी होगी।

सुखी पाकिस्तान चाहता है भारत
इस साल की शुरुआत में बलूचिस्तान में पकड़े गए कथित रॉ एजेंट कूलभूषण यादव के बारे में बंबावले ने कहा कि नई दिल्ली इस मामले पर स्पष्ट राय रखती है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के बाद हमने माना था कि कुलभूषण यादव भारतीय है, लेकिन वह किसी सरकारी संस्था के लिए काम नहीं करता है। 

उन्होंने कहा, 'हमने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तानी नागरिक बहादुर अली को गिरफ्तार किया और अली ने स्वीकार किया कि उसने पाकिस्तान में आतंक की ट्रेनिंग हासिल की है। हमने बहादुर अली से पूछताछ के लिए पाकिस्तान को पूरी छूट दी।'

चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर पर बंबावले ने कहा कि भारत एक बेहतर पाकिस्तान के लिए किसी भी प्रक्रिया की खिलाफत नहीं करेगा। भारत एक स्थिर और सुखी पाकिस्तान चाहता है।
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