अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर हवाई यात्राओं पर पड़ा है। शनिवार को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) की सलाह पर सभी भारतीय हवाई ऑपरेटरों ने यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए ईरानी एयरस्पेस के प्रभावित हिस्से से बचने का फैसला किया है। हवाई सेवा प्रदाताओं का कहना है कि वे उड़ानों को री-रूट करेंगे। बदले गए रूट से उड़ानों का परिचालन होगा।
इधर, एयर इंडिया के सीएमडी अश्विनी लोहानी ने कहा एयर इंडिया की उड़ानों पर कोई खास असर नहीं पड़ने वाला है। उड़ानों की री—रूटिंग पर काम चल रहा है। यात्रियों को खास परेशानी नहीं होगी।
एतिहाद एयरवेज का फैसला
दूसरी ओर, खाड़ी देशों की प्रमुख एयरलाइन एतिहाद एयरवेज ने भी ईरानी हवाई क्षेत्र के ऊपर से गुजरने वाली उड़ानों को फिलहाल रद्द कर दिया है। अबू धाबी की इस एयरलाइन ने भी तनाव की स्थिति में सुधार दिखने तक कई मार्गों पर वैकल्पिक उड़ान मार्गों का उपयोग करने की बात कही है।
अमेरिकी फेडरल एविएशन प्रशासन के निर्णय के बाद, ईरानी नियंत्रित हवाई क्षेत्र में अमेरिकी एयरलाइन संचालन को प्रतिबंधित करने के लिए एतिहाद एयरवेज नेयूएई जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी और अन्य एयरलाइनों के साथ मिलकर सलाह-मशविरा किया।
इससे पहले अमेरिका की यूनाइटेड एयरलाइंस ने नेवार्क एयरपोर्ट से मुंबई के बीच उड़ानें रद्द कर दी हैं। अमेरिका से मुंबई के लिए विमान ईरान के हवाई क्षेत्र से आते हैं। ऐसे में अमेरिकी एयरलाइंस का कहना था कि सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
मालूम हो कि गुरुवार को ईरान के सशस्त्र बल 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' ने हर्मुज जलसंधि के पास अपने हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी जासूसी विमान को मार गिराने का दावा किया था। ईरान का दावा है कि अमेरिकी ड्रोन ईरान की हवाई सीमा की रेड लाइन पार कर चुका था। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दे दी थी। इसके बाद से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है।