राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े भारतीय किसान संघ (बीकेएस) ने बृहस्पतिवार को कहा, हम छह फरवरी को राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य के हाइवे पर तीन घंटे का चक्का जाम का समर्थन नहीं करेगा। बीकेएस यह भी चिंता जताई है कि चक्का जाम के दौरान कुछ असामाजिक तत्व हिस्सा ले सकते हैं। हमें इनसे सावधान रहने की जरूरत है। ये हमारे देश की शांति और सद्भाव को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बद्री नारायण चौधरी ने कहा, छह फरवरी को असामाजिक तत्व ले सकते हैं हिस्सा, इनसें सावधान रहने की जरूरत
बीकेएस के महासचिव बद्री नारायण चौधरी ने कहा, दिल्ली के बॉर्डर पर हो रहा किसानों का प्रदर्शन पूरी तरह राजनीतिक हो चुका है। राजनीतिक प्रचार का हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा, इससे पहले कनाडा के राजनीतिक नेताओं, ब्रिटिश नेताओं और अब कुछ हस्तियां आंदोलन का समर्थन कर चुकी हैं।
इससे यह साफ जाहिर होता है कि अब यह प्रदर्शन भारत के खिलाफ दुष्प्रचार है और इससे देश की शांति और सौहार्द को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा की घटना की आलोचना करते हुए कहा, यह किसी भी देशभक्त के लिए स्वीकार नहीं है।