भारत में अब तक मुक्त और निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रशंसा बटोरने वाली इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) इस महीने अचानक खलनायक बन गई। अचानक ऐसा क्या हुआ कि सियासी दलों को इसमें खामियां नजर आने लगी। चुनाव आयोग ने कहा कि यहां तक आरोप लगाया गया कि मशीन में छेड़छाड़ मुमकिन है। आजतक किसी ने ईवीएम को हैक करने का दावा नहीं किया फिर भी ऐसा आरोप लगा। दरअसल कमी ईवीएम में नहीं, समस्या राजनीतिक मूल्यों में कमी के कारण है।
निर्वाचन आयोग ने पुन: ईवीएम में अपना दृढ़ विश्वास जताते हुए कहा कि यह कहीं से असफल होने वाली नहीं है। यह पहले की तरह ही पूरी तरह छेड़छाड़ मुक्त है। आयोग ने कहा कि जो अटकलें और आरोप लगाए जा रहे हैं वह पूरी तरह आधारहीन हैं और खारिज करने लायक हैं।