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Polls: 'कांग्रेस का घोषणापत्र लागू हुआ तो 5 नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा भारत', सीतारमण ने साधा निशाना

Sun, 05 May 2024 01:07 AM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे

सार

Polls: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगर कांग्रेस का घोषणापत्र लागू हुआ तो जो अर्थव्यवस्था अभी दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और जिसके अगले कुछ वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंचने का अनुमान है, वह वापस नाजुक पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंच जाएगी।
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पत्रकारों के साथ बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि अगर कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र को लागू किया जाता है, तो भारतीय अर्थव्यवस्था जो अभी दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, वह वापस पांच नाजुक अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का चुनावी घोषणा पत्र 'मुस्लिम लीग के दस्तावेज जैसा' है और इस पर सवाल उठाना भाजपा का कर्तव्य है। 

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सीतारमण की यह प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा की गई 'आर्थिक सर्वेक्षण और समाज के एक्स-रे' संबधी टिप्पणी और भाजपा के इस आरोप की पृष्ठभूमि में आई है कि कांग्रेस सत्ता में आने पर धन के पुनर्वितरण की योजना बना रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह सबसे खराब घोषणापत्र है, जो राष्ट्र के हित में नहीं है। 

पुणे में चुनिंदा पत्रकारों के साथ बैठक में वित्त मंत्री ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में सूचीबद्ध आश्वासनों को पूरा करने के लिए जरूरी वित्तीय योजना बनाई है। उन्होंने पूछा, मैं जानती हूं कि वे सत्ता में नहीं आ रहे हैं, लेकिन फिर भी पूछना चाहूंगी कि क्या कांग्रेस ने घोषणापत्र में सूचीबद्ध वादों को पूरा करने के लिए जरूरी खर्च पर होमवर्क किया है?
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कांग्रेस शासित कर्नाटक का हवाला देते हुए सीतारमण ने कहा कि उन्होंने (कांग्रेस) विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को यह जानने के बावजूद लागू करने का प्रयास किया कि उनके पास कोई फंड नहीं था। उन्होंने कहा, (कर्नाटक के) के उप मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से माना है कि उनके पास विकास के लिए कोई  पैसा नहीं बचा था, क्योंकि पैसा चुनाव के दौरान किए गए पांच वादों को पूरा करने पर खर्च किया गया था। 

वित्त मंत्री ने कहा, यह सिर्फ एक राज्य के बारे में हैं। अगर इसी तरह के कदम (कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में) पूरे देश में लागू किए जाते हैं, तो जो अर्थव्यवस्था अभी दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और जिसके अगले कुछ वर्षों में तीसरे स्थान पर पहुंचने का अनुमान है, वह वापस नाजुक पांच अर्थव्यवस्थाओं में पहुंच जाएगी। उन्होंने आगे कहा, राष्ट्र के प्रति भाजपा का कर्तव्य है कि वह कांग्रेस के चुनावी दस्तावेज पर सवाल उठाए। 
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