भारत तेजी से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, भारत इस दशक के अंत तक जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने और इसे बनाए रखने के लिए देश को उत्पादन, रोजगार और नई तकनीक पर खास ध्यान देना होगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत जल्द ही जापान को भी पीछे छोड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है। लेकिन इसके साथ ही कुछ बड़ी चुनौतियां भी सामने हैं। अगर इन चुनौतियों को समय रहते नहीं सुलझाया गया, तो आर्थिक रफ्तार धीमी पड़ सकती है। इसलिए विकास के साथ संतुलन बनाना जरूरी बताया गया है।
उत्पादन क्षेत्र क्यों बनी सबसे बड़ी चिंता?
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दस साल में भारत की जीडीपी में उत्पादन क्षेत्र की हिस्सेदारी 17 प्रतिशत से घटकर 13 प्रतिशत रह गई है। यह चिंता की बात है क्योंकि उत्पादन क्षेत्र ज्यादा रोजगार पैदा करता है। एक उत्पादन क्षेत्र की नौकरी से दो से ज्यादा नई नौकरियां बनती हैं, जबकि सर्विस क्षेत्र में यह असर काफी कम होता है।
ये भी पढ़ें- Assembly Elections 2026: तमिलनाडु में DMK ने पांच सीटें सीपीआई को दीं; बंगाल में ममता बनर्जी को BJP की चुनौती
किन क्षेत्रों में है सबसे ज्यादा मौका?
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को ऐसे क्षेत्रों पर ध्यान देना चाहिए जहां रोजगार भी बने और ऑटोमेशन का खतरा कम हो। इसमें प्रिसिजन इक्विपमेंट, स्पेशलिटी केमिकल्स, फार्मा इंटरमीडिएट, इलेक्ट्रॉनिक्स असेंबली और टेक्सटाइल शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कम लागत में ज्यादा विस्तार संभव है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
कृषि और आय में क्या हैं बड़ी समस्याएं?
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कृषि क्षेत्र में बड़ी खामी है। किसान को उसकी उपज की कीमत का केवल 25 प्रतिशत ही मिल पाता है, जबकि बाकी हिस्सा सप्लाई चेन में चला जाता है। इससे गांवों में आय बढ़ने की रफ्तार धीमी रहती है। अगर इस व्यवस्था को सुधारा जाए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है।
एआई और शहरों की भूमिका क्यों अहम है?
रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई बड़ी भूमिका निभाएगा। कंपनियों को इसे केवल प्रयोग तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि अपने कामकाज में शामिल करना होगा। साथ ही, भारत को बड़े शहरों को बेहतर बनाना होगा। अच्छी सड़कें, सस्ती आवास व्यवस्था और मजबूत सार्वजनिक परिवहन से ही देश हाई-इनकम इकोनॉमी की ओर बढ़ सकता है।
अन्य वीडियो-