सलाहकार समिति व्यापक भौगोलिक प्रतिनिधित्व के आधार पर तीन साल की अवधि के लिए महासभा द्वारा चुने गए 21 सदस्यों की एक विशेषज्ञ समिति है। एसीएबीक्यू वेबसाइट पर कहा गया है कि सदस्य व्यक्तिगत क्षमता से काम करते हैं न कि सदस्य देशों के प्रतिनिधि के रूप में।
वरिष्ठ भारतीय राजनयिक सुरेंद्र अधाना को 2024-26 की अवधि के लिए संयुक्त राष्ट्र के तहत स्थायी मिशन में प्रशासनिक और बजटीय प्रश्नों पर सलाहकार समिति (एसीएबीक्यू) में सेवा देने के लिए फिर से चुना गया है।
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यह संयुक्त राष्ट्र महासभा की ओर से चुने गए 21 सदस्यों की विशेषज्ञ समिति है। इसके सदस्य व्यक्तिगत क्षमता से काम करते हैं न कि सदस्य देशों के प्रतिनिधि के रूप में। इसका प्रमुख कार्य संयुक्त राष्ट्र महासचिव की ओर से महासभा को प्रस्तुत बजट की जांच एवं रिपोर्ट करना, महासभा को संदर्भित किसी भी प्रशासनिक एवं बजटीय मामले पर सलाह देना, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों की वित्तीय व्यवस्था के प्रस्तावों की जांच करना और संयुक्त राष्ट्र एवं उसकी एजेंसियों के खातों पर लेखा परीक्षकों की रिपोर्ट पर विचार करना और महासभा को रिपोर्ट करना है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि राजदूत रुचिरा कंबोज ने एक्स पर कहा, 'सुरेंद्र अधाना एसीएबीक्यू समिति में फिर से चुने गए हैं। सभी सदस्य देशों को उनके समर्थन और विश्वास के लिए आभार।'
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भारतीय मिशन ने व्यक्त किया आभार
भारतीय मिशन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'फिर से चुना गया! भारत के उम्मीदवार, सुरेंद्र कुमार अधाना को 2024-26 की अवधि के लिए प्रशासनिक और बजटीय प्रश्नों पर सलाहकार समिति में सेवा देने के लिए फिर से चुना गया है।' मिशन ने संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों को उनके विश्वास और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
सलाहकार समिति व्यापक भौगोलिक प्रतिनिधित्व के आधार पर तीन साल की अवधि के लिए महासभा द्वारा चुने गए 21 सदस्यों की एक विशेषज्ञ समिति है। एसीएबीक्यू वेबसाइट पर कहा गया है कि सदस्य व्यक्तिगत क्षमता से काम करते हैं न कि सदस्य देशों के प्रतिनिधि के रूप में।
सलाहकार समिति व्यापक भौगोलिक प्रतिनिधित्व के आधार पर तीन साल की अवधि के लिए महासभा द्वारा चुने गए 21 सदस्यों की एक विशेषज्ञ समिति है। एसीएबीक्यू वेबसाइट पर कहा गया है कि सदस्य व्यक्तिगत क्षमता से काम करते हैं न कि सदस्य देशों के प्रतिनिधि के रूप में।