सिंधु जल समझौते पर भारत और पाकिस्तान के स्थायी सिंधु आयोग (पीआईसी) की मीटिंग आज यानी सोमवार को इस्लामाबाद में है। बैठक में भाग लेने के लिए 10 सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को पहुंच गया था। बता दें कि उड़ी हमले के बाद अब जाकर भारत और पाकिस्तान के बीच सरकार के लेवल पर बातचीत हो रही है।
1960 में हुए इस समझौते की ये 113वीं मीटिंग है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत की ओर से कहा गया पहले ही कह दिया गया है कि अपने अधिकारों को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक भारत ने कहा कि हमारे दरवाजे हमेशा बातचीत के लिए खुले हैं। और सिंधु जल समझौते पर भी यही धारणा रखते हुए पाकिस्तान की चिंताओं को दूर करने की कोशिश की जाएगी। लेकिन भारत को मिले अधिकारों से समझौते बिल्कुल नहीं किया जाएगा।
दरअसल, सितंबर में हुए उड़ी हमले की वजह से भारत ने पाकिस्तान से किसी भी मामले पर बातचीत बंद कर दी थी और उसमें सिंधु जल समझौत की मीटिंग भी शामिल था। बता दें कि इस परियोजना का कार्य फिर से शुरू होने से पंजाब को 5000 हेक्टेयर तो जम्मू-कश्मीर को 32,173 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता प्राप्त होगी। जिसका सीधा फायदा भारत को सिंधु जल समझौते के तहत पानी के पूरे इस्तेमाल के जरिए हो सकेगा। इस परियोजना की लागत 2285.81 करोड़ रुपये है।