भारतीय तटरक्षक बल ने अंडमान जलक्षेत्र में एक मछली पकड़ने वाली नाव से लगभग पांच टन ड्रग्स की एक बड़ी खेप पकड़ी है। रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह भारतीय तटरक्षक बल की ओर से पकड़ी गई अब तक की सबसे बड़ी ड्रग खेप हो सकती है। अधिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने एक बड़े मादक पदार्थ विरोधी अभियान में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के पास 6,000 किलोग्राम प्रतिबंधित मेथमफेटामाइन ले जा रहे छह म्यांमारी चालक दल के साथ एक जहाज को जब्त किया है। ड्रग्स 2 किलोग्राम के लगभग 3,000 पैकेट में पैक पाए गए। इनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत कई करोड़ रुपये आंकी गई है।
24 नवंबर को पोर्ट ब्लेयर ले जाया गया
रक्षा अधिकारी ने बताया कि 23 नवंबर को नियमित गश्त के दौरान तटरक्षक डोर्नियर विमान के पायलट ने बैरन द्वीप के पास एक मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर की संदिग्ध गतिविधि देखी। यह पोर्ट ब्लेयर से लगभग 150 किलोमीटर दूर है। ट्रॉलर को चेतावनी दी गई और उससे रफ्तार कम करने के लिए कहा गया। इस बीच पायलट ने अंडमान और निकोबार कमांड को सतर्क कर दिया। तुरंत हमारे तेज गश्त करने वाले जहाज बैरन द्वीप की ओर रवाना हुए। इसके बाद मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर को आगे की जांच के लिए 24 नवंबर को पोर्ट ब्लेयर ले जाया गया।
छह म्यांमार के नागरिकों को गिरफ्तार किया गया
रक्षा अधिकारी ने कहा कि हमने मछली पकड़ने वाले ट्रॉलर से छह म्यांमार के नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ऐसा माना जाता है कि मेथमफेटामाइन भारत और उसके पड़ोसी देशों के लिए थी। हमने संयुक्त पूछताछ के लिए अंडमान और निकोबार पुलिस को जानकारी दे दी है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारतीय जल क्षेत्र में इस तरह का प्रतिबंधित सामान जब्त किया गया हो। 2019 और 2022 में भी विदेशी जहाजों से इसी तरह की दवाएं जब्त की गई थीं, जब वे भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे।