अधिकारियों ने बताया कि तटरक्षक बल को रविवार दोपहर नो-फिशिंग जोन (एनएफजेड) के पास काम कर रही एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव काल भैरव से खतरे का संकेत मिला। इसके बाद बचाव अभियान पर जहाज अग्रिम को भेजा गया। जहाज अग्रिम ने दो घंटे तक पाकिस्तान के जहाज का पीछा किया।
पाकिस्तान-भारत की समुद्री सीमा रेखा के पास पाकिस्तानी जहाज ने भारतीय मछुआरों को पकड़ा। इसकी सूचना मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल के जहाज अग्रिम ने तत्काल कार्रवाई की। समुद्र में दो घंटे तक भारतीय जहाज ने पाकिस्तान के जहाज का पीछा किया। इसके बाद सात भारतीय मछुआरों को बचाया।
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मामले की जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि तटरक्षक बल को रविवार दोपहर नो-फिशिंग जोन (एनएफजेड) के पास काम कर रही एक भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव काल भैरव से खतरे का संकेत मिला। इसके बाद बचाव अभियान पर जहाज अग्रिम को भेजा गया। जहाज अग्रिम ने मौके पर पहुंचकर दो घंटे तक पाकिस्तान के जहाज का पीछा किया।
पाकिस्तान के जहाज पर तैनात अधिकारियों से कहा गया कि वह भारतीय मछुआरों को छोड़ दें। मगर पाकिस्तान का जहाज रुकने को तैयार नहीं था। काफी मशक्कत के बाद भारतीय तटरक्षक बल के जहाज ने पाकिस्तान समुद्री सुरक्षा एजेंसी (पीएमएसए) के जहाज नुसरत को रोका और मछुआरों को मुक्त कराया। आईसीटी जहाज सात मछुआरों को सुरक्षित रूप से वापस लाया। सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया, सभी स्वस्थ हैं। हालांकि काल भैरव नाव टूटकर समुद्र में ही डूब गई।
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मामले में तटीय सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि हालांकि, भारतीय मछली पकड़ने वाली नाव "काल भैरव" को घटना के दौरान क्षतिग्रस्त और डूब जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय तटरक्षक बल ने तत्काल कार्रवाई की और मछुआरों को बचाया। सोमवार को सभी मछुआरों को जहाज से गुजरात के ओखा बंदरगाह पर लाया गया। अब पुलिस और तटरक्षक बल मछुआरों से पूछताछ कर रहा है।