आईसीजी ने एक बयान में कहा कि सीआईआरएम ने सूचित किया था कि मोटर टैंकर ग्लोबल स्टार पर सवार नौसैनिक संदिग्ध आघात, उच्च रक्तचाप और बाईं ओर आंशिक पक्षाघात से पीड़ित है और उसे जल्द से जल्द चिकित्सा निकासी की आवश्यकता है।इसके बाद कोच्चि में समुद्री बचाव उप-केंद्र (एमआरएससी) को ऑपरेशन के समन्वय का काम सौंपा गया था और इसने टेलीमेडिकल सहायता प्रदान करने और मुश्किल में फंसे नाविक को निकालने की योजना बनाने के लिए जहाज के साथ संचार स्थापित किया।
बयान में कहा गया, 'अशांत समुद्र और मौजूदा मौसम की स्थिति को समझते हुए तटरक्षक एएलएच को 24 जुलाई की सुबह चिकित्सा विन्यास में कोच्चि से समुद्र में 112 समुद्री मील की दूरी पर चिकित्सा निकासी करने के लिए रवाना किया गया था। चुनौतीपूर्ण मौसम, अशांत समुद्र, भारी बारिश और खराब दृश्यता के बीच आईसीजी विमान के पेशेवर पायलट कम से कम समय में एमटी ग्लोबल स्टार पहुंचे और संकटग्रस्त नौसैनिक को सफलतापूर्वक बाहर निकाला।'
बयान में कहा गया है कि नाविक का कोच्चि के रास्ते में एएलएच में चिकित्सकीय प्रबंधन किया गया और बंदरगाह शहर पहुंचने पर उसे आगे के चिकित्सा प्रबंधन के लिए गौतम अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया। एसएआर ने चुनौती पूर्ण मौसम के बीच एक साहसी अभियान में भारतीय तटरक्षक बल के स्वदेशी एएलएच ने एमटी ग्लोबल स्टार 110 एफएम कोच्चि पर समुद्र में एक और नाविक की जान बचाई। बचाव अभियान का समन्वय एमआरसीसी कोच्चि द्वारा सीजी एयर एन्क्लेव, नेदुम्बस्सेरी और आईसीजी अर्नवेश के समन्वय से किया गया था।