Airport Transit Visa: भारतीय यात्रियों को अब जर्मनी के हवाई अड्डे पर ट्रांजिट के दौरान वीजा की जरूरत नहीं होगी। यह फैसला कल से लागू होगा। नई दिल्ली में जर्मन दूतावास ने काह कि यह कदम भारत-जर्मनी संबंध मजबूत करने और यात्रा व आर्थिक सहयोग आसान बनाने के समझौते का हिस्सा है। पढ़िए रिपोर्ट-
भारतीय नागरिकों को अब किसी अन्य देश की यात्रा के दौरान जर्मनी के हवाई अड्डे पर रुकने पर ट्रांजिट वीजा की जरूरत नहीं होगी। आज यानी 2 जून को जर्मनी के आधिकारिक कानून गजट में इसकी घोषणा की गई। यह कल से लागू होगा। नई दिल्ली में स्थित जर्मनी के दूतावास ने यह जानकारी दी।
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दूतावास ने कहा, यह निर्णय इस वर्ष जनवरी में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की भारत यात्रा के दौरान हुए समझौते का हिस्सा है। इसका मकसद भारत और जर्मनी के बीच संबंधों को मजबूत करना, लोगों की आवाजाही को आसान बनाना और आर्थिक सहयोग बढ़ाना है।
अब भारतीय यात्री जर्मनी के हवाई अड्डों से होकर किसी तीसरे देश की यात्रा करेंगे तो उन्हें अलग से ट्रांजिट वीजा लेने की जरूरत नहीं होगी। इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा आसान, तेज और कम कागजी कार्रवाई वाली हो जाएगी। सीधे शब्दों में कहें तो अब अगर कोई भारतीय यात्री जर्मनी के किसी हवाई अड्डे से होकर किसी अन्य देश जा रहा है, तो उसे ट्रांजिट वीजा के लिए आवेदन नहीं करना पड़ेगा। इससे यात्रियों का समय बचेगा और यात्रा ज्यादा सुविधाजनक होगी।
जर्मन चांसलर ने भारत दौरे के दौरान की थी घोषणा
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इस साल की शुरुआत में भारत का दौरा किया था। इस दौरान रक्षा, तकनीक और व्यापार समेत विभिन्न क्षेत्रों में 19 द्विपक्षीय समझौतों पर सहमति बनी थी। इसमें 72 हजार करोड़ रुपये का पनडुब्बी सौदा प्रमुख है। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात के दौरान सेमीकंडक्टर सहयोग और भारतीयों के लिए जर्मनी में वीजा-मुक्त ट्रांजिट पर चर्चा हुई थी।
पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर का किया था धन्यवाद
जर्मन चांसलर ने भारत दौरे के दौरान जब ट्रांजिट-वीजा मुक्त यात्रा की घोषणा की थी, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले के लिए उनका धन्यवाद किया था। संयुक्त बयान में कहा गया था कि यह कदम न केवल भारतीयों की यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करेगा। इस दौरान दोनों नेताओं ने कहा था कि लोगों के आपसी संबंध भारत-जर्मनी रणनीतिक साझेदारी का एक अहम आधार हैं।