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GLEX-2025: 'जल्द चांद पर पड़ेंगे भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के कदम, मंगल-शुक्र भी रडार पर होंगे', PM का संदेश

Wed, 07 May 2025 04:39 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

GLEX-2025: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मविश्वास से आगे बढ़ रहा है और 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री चांद पर उतरेंगे। उन्होंने कहा कि 2035 तक 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' की स्थापना की जाएगी। गगनयान मिशन 2027 में लॉन्च होगा।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। - फोटो : वीडियो ग्रैब/एक्स/एएनआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि भारत अंतरिक्ष के क्षेत्र में नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है और जल्द ही भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के कदम चांद पर पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मंगल और शुक्र ग्रह भी भारत के आगामी मिशनों के रडार पर हैं। 

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ग्लोबल स्पेस एक्सप्लोरेशन कॉन्फ्रेंस (जीएलईएक्स-2025) के लिए अपने रिकॉर्ड किए गए संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा और 2040 तक एक भारत को चांद पर उतारा जाएगा। उन्होंने कहा, 'भारत की अंतरिक्ष यात्रा दूसरों से प्रतिस्पर्धा की नहीं, बल्कि साथ मिलकर ऊंचाइयों तक पहुंचने की है।' उन्होंने बताया कि भारत ने दक्षिण एशियाई देशों के लिए उपग्रह लॉन्च किए हैं और जी20 उपग्रह वैश्विक दक्षिण के लिए एक तोहफा होगा।

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उन्होंने आगे कहा, 'हमारा पहला मानव अंतरिक्ष मिशन 'गगनयान' हमारी आकांक्षाओं की उड़ान है, जिसके 2027 में लॉन्च होने की योजना है। साथ ही जल्द ही इसरो और नासा के संयुक्त मिशन में एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की यात्रा पर जाएगा। एक्सिओम-4 मिशन 29 मई को लॉन्च होने वाला है, उसमें भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला सहित चार लोग शामिल होंगे और वे 14 दिन अंतरिक्ष में बिताएंगे। 
 
भारत की उपलब्धियां वैज्ञानिक मील के पत्थर
पीएम ने याद दिलाया कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा 1963 में एक छोटे रॉकेट के प्रक्षेपण के साथ शुरू हुई थी और वह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश बना है। हमारी यात्रा उल्लेखनीय रही है। हमारे रॉकेट पेलोड से कहीं ज्यादा ले जाते हैं। वे 1.4 अरब भारतीयों के सपने लेकर चलते हैं। भारत की उपलब्धियां महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मील के पत्थर हैं। इसके अलावा, वे इस बात का सबूत हैं कि मानवीय भावना गुरुत्वाकर्षण को चुनौती दे सकती है।

जल्द हमारा अंतरिक्ष यात्री करेगा अंतरिक्ष की यात्रा
उन्होंने कहा कि आने वाले सप्ताहों में एक भारतीय अंतरिक्ष यात्री अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए इसरो-नासा के संयुक्त मिशन के हिस्से के रूप में अंतरिक्ष की यात्रा करेगा। एक्सिओम-4 मिशन को 29 मई को प्रक्षेपित किया जाएगा तथा भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्री कक्षीय प्रयोगशाला में 14 दिनों का प्रवास करेंगे। जीएलईएक्स-2025 का आयोजन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष यात्री महासंघ और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की ओर से किया गया।
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अपने पहले ही प्रयास में मंगल ग्रह पर पहुंच कर रचा इतिहास
पीएम ने कहा कि भारत ने 2014 में अपने पहले प्रयास में ही मंगल ग्रह पर पहुंचकर इतिहास रचा। चंद्रयान-1 ने चंद्रमा पर पानी की खोज में मदद की, चंद्रयान-2 ने दुनिया को चंद्रमा की उच्चतम रिजोल्यूशन वाली तस्वीरें दीं और चंद्रयान-3 ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के बारे में समझ बढ़ाई। उन्होंने कहा कि हमने क्रायोजेनिक इंजन रिकॉर्ड समय में बनाए। हमने एक ही मिशन में 100 उपग्रह प्रक्षेपित किए। हमने अपने प्रक्षेपण वाहनों से 34 देशों के 400 से अधिक उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं। इस वर्ष हमने दो उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा, जो एक बड़ा कदम है।

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