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Pahalgam Attack Anniversary: 'भारत भूलता नहीं, सीमाएं तोड़ने पर प्रतिक्रिया निर्णायक'; सेना ने दिया सख्त संदेश

Tue, 21 Apr 2026 09:38 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बुधवार यानी कल 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी है। इससे पहले भारतीय सेना ने सख्त संदेश दिया है। सोशल मीडिया साइट्स पर पोस्ट में भारतीय सेना ने इस जघन्य हमले के बाद चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर को उल्लेखित करते हुए लिखा है- भारत भूलता नहीं, सीमाएं तोड़ने पर निर्णायक जवाब देता है।
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पहलगाम हमले की बरसी से पहले भारतीय सेना की दो-टूक - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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पहलगाम आंतकी हमले की पहली बरसी से पहले, भारतीय सेना ने मंगलवार को आतंकवाद के खिलाफ भारत के अडिग रुख को दोहराते हुए एक संदेश जारी किया। सोशल मीडिया साइट्स पर जारी किए गए पोस्ट में भारतीय सेना के संदेश में कहा गया है, 'जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है। न्याय मिलता है। भारत एकजुट है।' यह संदेश पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की ऐतिहासिक सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' के पीछे की भावना को दर्शाता है।
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आतंकियों ने धर्म पूछकर मारी थी गोली
जम्मू-कश्मीर की खूबसूरत वादियों में बसे पहलगाम के बैसारन घाटी में हुए इस आतंकी हमले के दौरान आतंकियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछकर उनपर गोलियां बरसाईं थी। इस हमले की कई तस्वीरें और वीडियो ने पूरे देश को अंदर तक झकझोर दिया था। इस हमले के पीड़ितों और कई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आतंकियों ने सिर्फ पुरुषों को निशाना बनाया और धर्म न बताने पर उनसे कलमा पढ़ने के लिए कहा और ऐसा न करने पर उनकी निर्मम हत्या की।
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भारतीय सेना का 'ऑपरेशन सिंदूर'
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत तब हुई जब 22 अप्रैल को पाकिस्तान से घुसे कुछ आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में छुट्टियां मना रहे भारतीय नागरिकों और पर्यटकों पर हमला बोला और 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी। इस बर्बर आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना को हर तरीके से कार्रवाई करने की छूट मिली और 15 दिन बाद 7 मई को सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान और पीओके में छिपे आतंकियों और उनके अड्डों को नेस्तानाबूद किया। हाल ही में, सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन में नमाज के दौरान जानबूझकर हमले नहीं किए गए, जो सटीकता, संयम और मानवीय हितों पर जोर देने को दर्शाता है। सेना नेतृत्व ने ऑपरेशन सिंदूर को एक सतत प्रयास बताया है, जो भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांत में एक अधिक दृढ़ और सतत चरण का संकेत है।

'ऑपरेशन महादेव' में मारे गए पहलगाम के आतंकी
पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की जान लेने वाले तीन आतंकवादियों को भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन महादेव' में ढेर किया था और इस हमले में उनकी संलिप्तता वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित भी की गई। गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक 'ऑपरेशन सिंदूर' पर विशेष चर्चा में ये जानकारी दी। गृह मंत्री के अनुसार, 'ऑपेरशन महादेव' में सुलेमान, अफगान और जिब्रान नाम के तीन आतंकवादी - सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मारे गए।' सुलेमान, लश्कर-ए-तैयबा का ए श्रेणी का कमांडर था। पहलगाम और गगनगीर आतंकी हमले में वह लिप्त था, इसके बहुत सारे सबूत हमारी एजेंसियों के पास हैं। अफगान और जिब्रान भी ए श्रेणी के आतंकवादी थे।
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पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने छुट्टियां मना रहे 26 निर्दोष (25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक) लोगों पर निर्मम हत्या की थी। इस आतंकी हमले के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। इसके बाद भारत की मुंहतोड़ जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकाने ध्वस्त किए गए। इससे घबराए पाकिस्तान ने 10 मई को भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू किया गया।

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