सशस्त्र बलों, अकादमिक जगत और उद्योग को एक मंच पर लाकर इस पहल से एक सुदृढ़, आत्मनिर्भर और भविष्य उन्मुख वॉरगेमिंग इकोसिस्टम की नींव को मजबूत किया गया। कार्यक्रम ने सिमुलेशन आधारित प्रशिक्षण, विश्लेषणात्मक मूल्यांकन और निर्णय-सहायता उपकरणों की रणनीतिक अहमियत को रेखांकित किया गया।
भारतीय सेना ने नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में 'इनहेंसिंग मिलिट्री डिसीजन मेकिंग थ्रू वॉरगेमिंग एंड सिमुलेशन - ब्रिजिंग नॉलेज एंड इंडस्ट्री गैप्स' विषय पर एक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया। यह सेमिनार वॉरगेमिंग डेवलपमेंट सेंटर (WARDEC) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के वॉरगेमिंग इकोसिस्टम से जुड़े वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, शिक्षाविद, रणनीतिक विशेषज्ञ और प्रौद्योगिकी उद्योग के विशेषज्ञ शामिल हुए।
विज्ञापन
सेमिनार का उद्देश्य समकालीन और भविष्य के मल्टी-डोमेन युद्धक्षेत्र में ऑपरेशनल प्लानिंग, नेतृत्व विकास और सिद्धांत नवाचार के लिए वॉरगेमिंग को एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में स्थापित करना रहा। सेमिनार का उद्घाटन लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा, जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, आर्मी ट्रेनिंग कमांड ने किया।
निर्णय क्षमता को धार देने का सशक्त माध्यम है वॉरगेमिंग : लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा
लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वॉरगेमिंग केवल एक प्रक्रियात्मक अभ्यास नहीं बल्कि रणनीतिक निर्णय क्षमता को धार देने, धारणाओं को परखने और अनुकूलनशील सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने संस्थागत योजना प्रक्रियाओं में सिमुलेशन आधारित विश्लेषण को शामिल करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि ऑपरेशनल तैयारी, निर्णय श्रेष्ठता और गतिशील चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।
लेफ्टिनेंट जनरल देवेंद्र शर्मा के संबोधन में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बढ़ते जोर और उन्नत क्षमताओं के स्वदेशी विकास, डिजाइन और तैनाती के प्रति भारतीय सेना की प्रतिबद्धता भी परिलक्षित हुई। सेमिनार में सैन्य, शैक्षणिक और औद्योगिक दृष्टिकोण से विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। सैन्य परिप्रेक्ष्य में मल्टी-डोमेन सिमुलेशन के उपयोग, वॉरगेमिंग को एक मुख्य पेशेवर दक्षता के रूप में संस्थागत रूप देने और तेज, अस्पष्ट तथा तकनीकी रूप से जटिल वातावरण में कमांडरों को तैयार करने पर जोर दिया गया।
तीन स्वदेशी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन हुए जारी
इसके साथ आयोजित प्रदर्शनी में उन्नत सिमुलेशन प्लेटफॉर्म और अभिनव तकनीकी समाधानों का प्रदर्शन किया गया। सेमिनार के दौरान WARDEC द्वारा विकसित तीन स्वदेशी सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन भी जारी किए गए। इनमें ऑटो इवैल्यूएशन मैप मार्किंग टूल, कॉम्बैट डिसीजन रिजोल्यूशन वर्जन 9 और ऑटोमेटेड इंटेलिजेंस प्रिपरेशन ऑफ द बैटलफील्ड शामिल हैं। ये एप्लीकेशन कमांडरों के लिए संरचित निर्णय-सहायता ढांचा प्रदान करते हैं और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में भारतीय सेना की प्रगति को दर्शाते हैं।