मणिपुर में हिंसा रुकने का नाम नहीं ले रही है। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद उपद्रवी लगातार घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। हिंसा प्रभावित पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर के कांगपोकपी जिले से गोलीबारी की एक ताजा घटना सामने आई है। कांगपोकपी जिले के हरओथेल गांव में गोलीबारी की घटना गुरुवार सुबह करीब 5:45 बजे हुई है। इसमें दो उपद्रवियों की मौत हो गई है और तीन घायल हुए हैं। मामले की जानकारी देते हुए भारतीय सेना ने कहा कि मामले को बढ़ने से रोकने के लिए क्षेत्र में तैनात सैनिकों ने स्थिति को संभाला।
सेना की कार्रवाई से स्थिति कंट्रोल में
सेना अपने बयान में कहा कि सशस्त्र उपद्रवियों ने 5.30 बजे अकारण गोलीबारी शुरू कर दी। रास्ते में सेना की टुकड़ियों पर भी पर गोलीबारी की गई। वहीं किसी भी अतिरिक्त क्षति को रोकने के लिए सुव्यवस्थित तरीके से सेना ने जवाब दिया। सैनिकों की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप गोलीबारी बंद हो गई। कांगपोकपी जिले का हरोथेल गांव राजधानी इंफाल से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित है।
इस संबंध में कांगपोकपी के एसपी मनोज प्रभाकर ने अमर उजाला से कहा कि हरओथेल गांव में हुई गोलीबारी में दो उद्रवियों की मौत हुई है जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर के कांगपोकपी जिले के दो गांवों में अत्याधुनिक हथियारों से लैस बदमाशों ने हमला कर दिया। असम राइफल्स और सेना पर हमला भी हमला कर दिया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। जानकारी मिली है कि बड़ी संख्या में उपद्रवी अभी मौजूद हैं।
सेना के लगभग 10000 जवान तैनात
मणिपुर की आबादी में मैतेई लोगों की संख्या लगभग 53 फीसदी है और वे ज्यादातर इंफाल घाटी में रहते हैं। आदिवासी (नागा और कुकी) आबादी का 40 प्रतिशत हिस्सा हैं और पहाड़ी जिलों में रहते हैं। हिंसा को रोकने और कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सेना के लगभग 10,000 जवानों और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है।