पाकिस्तान और चीन की नापाक हरकतों से आजिज भारत अब उनसे युद्ध के लिए कमर कस रहा है। विश्व को शांति का संदेश देते हुए भारत ने यह भी बता दिया है कि अब अगर पड़ोसी देश बातों से नहीं समझते तो वह गोला-बारूद से अपनी बातें समझाएगा। अपने बदले नजरिए के साथ भारत बार बार पड़ोसी देशों को इसके लिए आगाह करता हुआ दिख रहा है चाहे वो पाकिस्तान के मामले में सर्जिकल स्ट्राइक हो या फिर डोकलाम में लगातार 73 दिनों तक संघर्ष करना।
चौतरफा दबाव के बाद चीन ने अपनी फौज पीछे करने की बात कही बशर्ते भारत भी अपनी फौज पीछे करे। यही वजह है कि बुधवार को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने चीन और पाकिस्तान के खिलाफ दिए बयान में कहा है कि देश को दो मोर्चों पर युद्ध के लिए तैयार रहना होगा। वैसे रावत का युद्ध को लेकर ऐसा बयान पहली बार नहीं आया है।
इससे पहले भी रावत कह चुके हैं कि सेना एक समय में पाकिस्तान, चीन और आतंकियों के साथ ढाई युध्द लड़ सकती है। इसी दौरान भारतीय नेवी के चीफ एडमिरल सुनील लांबा, एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ ने भी अपने अधिकारियों को पत्र लिखकर शॉर्ट नोटिस में युद्ध को लेकर तैयार रहने की बात कही थी।
भारत, पाकिस्तान और चीन तीनों ही देशों के पास परमाणु हथियार है
Indian Army
चीन के साथ डोकलाम विवाद और पाकिस्तान के साथ आए दिन हो रहे टकरावों के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट जिसमें कहा था कि सेना के पास महज दस दिन के लिए ही गोला- बारूद हैं, ने चिंता में डाल दिया था। 2015 में भी कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 20 दिन का ही भंडारण है। ऐसा माना जाने लगा था कि यदि भारत की किसी भी देश से लड़ाई लंबी चली तो भारत ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पाएगा।
जिस तरह से भारत अपनी विदेश नीतियों को लेकर काम कर रहा है और चीन- पाकिस्तान को घेर रहा है इसलिए यह नहीं भूलना चाहिए अगर भारत की किसी भी देश से युद्ध की स्थिति बनती है तो दुनिया के देश एकजुट होकर जंग को बंद कराने की कोशिश में लग जाएंगे।
पढें: सेना प्रमुख बिपिन रावत बोले- पाकिस्तान और चीन से एक साथ हो सकती है जंग
वैसे ये नहीं भूलना चाहिए कि भारत, पाकिस्तान और चीन तीनों ही देशों के पास परमाणु हथियार है। और जानकारों का ऐसा मानना है कि इन्हीं वजहों से किसी भी देश के साथ संघर्ष ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकेगा।
अपनी सैन्य स्थिति को सुदृढ करने के लिए भारत लगातार ब्रिटेन, अमेरिका, रूस और फ्रांस जैसे देशों से हर दिन हथियार खरीद फरोख्त की डील कर रहा है। वहीं भारतीय सेना विभिन्न देशों के साथ सैन्य परीक्षण भी कर अपनी ताकत का परीक्षण कर रहा है। भारत सरकार ने 36 राफेल फाइटर प्लेन्स की डील फ्रांस के साथ की है। एमआईजी श्रेणी के स्वदेशी फाइटर तेजस भी सेना की शक्ति का हिस्सा हैं।
पढ़ें: एयर चीफ धनोआ ने कहा- किसी भी समय बड़े ऑपरेशन के लिए तैयार रहे वायुसेना
इन सबके अलावा पाक की नापाक हरकत और चीन की हरकतों से तंग आ चुका भारत अपनी शक्ति को बढ़ाने में लगा हुआ है। यही वजह से कि भारतीय सेना ने अमेरिका से 19 फाइटर प्लेन अपाचे खरीदने की भी योजना बना रहा है। यही नहीं फौज में भर्तियां भी हो रही है।