भारतीय सेना जल्द ही नए असाल्ट राइफल, लाइट मशीन गन और कार्बाइन खरीदने की तैयारी में हैै। इसके लिए सेना ने 44 हजार करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पिछले दशकों में भारतीय सैनिकों को मुलभूत हथियारों की आपूर्ति नहीं हो पाई है, लेकिन अब सेना जल्द ही उन्हें नए हथियार मुहैया कराएगी।
उन्होंने बताया कि सेना की मॉडर्नाइजेशन का रोड मैप तैयार किया जा रहा है। जिसकी तैयारी सरकार ने भी शुरू कर दी है। सरकार जल्द 45 हजार करोड़ रुपये का टेंडर जारी करने वाली है, जिसमें 7.7 लाख असाल्ट राइफल, 54 हजार से ज्याता एलएमजी और 44,618 कार्बाइन खरीदी जाएंगी।
लेफ्टिनेंट जनरल राजेंद्र सिंह (रिटायर्ड) ने बताया कि भारतीय सैनिक दुनिया में सबसे बेहतरीन हैं, लेकिन उनके हथियार बेहद खराब हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक जनर्ल सिंह ने बातचीत में बताया कि हथियारों की खरीद में देरी बेहद चौंकाने वाला है।
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उन्होंने कहा कि अगर हमारे सैनिकों को बेहतर हथियार दिए जाएंगे तो आतंकियों से निपटने में हताहतों की संख्या आधी हो जाएगी। गौरतलब है कि आर्मी 5.56 एमएम आईएनएसएएस राइफल को नई असाल्ट राइफस से रिप्लेस करना चाहती है।
गौरतलब है कि रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व वाली डीएसी की ओर से हथियारों की खरीद के लिए "आवश्यकता की स्वीकृति" पहला कदम है। रक्षामंत्री बनने के बाद सेना को आधुनिक हथियारों से लैस करने की योजना, सीतारमण की पहली प्राथमिकताओं में से एक है।