'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत केवल आतंकी ठिकानों पर ही हमला
बता दें कि भारत ने पाकिस्तान के बहावलपुर में स्थित मरकज सुभानल्लाह पर भी स्ट्राइक की है। यहां पर 'जैश-ए-मोहम्मद' का मुख्यालय बताया जाता है। आतंकी संगठन के कमांड सेंटर मरकज सुभान अल्लाह को भी तबाह किया गया है। यहां पर करीब एक दशक से आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा रही थी। मुरीदके में मरकज तैयबा, सियालकोट में महमूना कैंप, सरजाल कैंप, बरनाला भिंबर में अहले हदीथ, कोटली में मरकज अब्बास, मस्कर राहिल शहीद और मुजफ्फराबाद में सवाई नाला जैसे ठिकानों पर हमला किया गया है। भारत की तरफ से कहा गया है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत केवल आतंकी ठिकानों पर ही हमला हुआ है। किसी भी आर्मी एस्टेब्लिशमेंट और सिविल इलाकों को हमले की रेंज से दूर रखा गया है।
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अमेरिका के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में भी शामिल
उस विमान में 176 यात्री और 15 क्रू मेंबर सवार थे। हाईजैक करने वाले उस विमान को अमृतसर, लाहौर, दुबई और आखिर में अफगानिस्तान के कंधार में ले गए थे। यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनजर भारत सरकार ने 3 आतंकवादी, मौलाना मसूद अजहर (जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक), अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर को रिहा कर दिया था। कंधार हाईजैक का मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर को माना जाता है, लेकिन उस वक्त वह जेल में था। प्लेन हाईजैक की सारी प्लानिंग अब्दुल रऊफ अजहर ने तैयार की थी। प्लेन हाईजैक करने में हरकत-उल-मुजाहिदीन और आईएसआई ने अब्दुल रऊफ अजहर की मदद की थी। अब्दुल रऊफ अजहर, अमेरिका के मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में भी शामिल था।
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