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Army: भविष्य के युद्धों की तैयारी, सेना और नौसेना के बीच हुआ अहम समझौता

Thu, 14 May 2026 03:51 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भारतीय सेना और नौसेना में समझौता - फोटो : आईएएनएस
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देश की सुरक्षा को और मजबूती देने के लिए भारतीय सेना व भारतीय नौसेना ने 'मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन ऑन अफिलिएशन' को मंजूरी दी है। गुरुवार 14 मई को दोनों सेनाओं के बीच 'संबद्धता समझौता ज्ञापन' पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य थलसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल, आपसी समझ और संयुक्त कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है। भविष्य के बदलते युद्ध स्वरूप को देखते हुए आर्मी और नौसेना के बीच हुआ यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है।  
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बेहद अहम है ये समझौता
सैन्य बलों के अनुसार यह समझौता भारतीय सशस्त्र बलों के बीच संयुक्तता, एकीकरण और बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। इसका उद्देश्य भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप आधुनिक, एकीकृत और बहु-आयामी सैन्य क्षमता विकसित करना है। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है ताकि देश की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो सके। गौरतलब है कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान तीनों सेनाओं के बीच उत्कृष्ट तालमेल देखने को मिला था। 

सेना, नौसेना और वायुसेना के समन्वित प्रयासों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को उल्लेखनीय सफलता दिलाई। इस अभियान ने यह साबित किया कि भविष्य के सैन्य ऑपरेशन में संयुक्त और बहु-आयामी सैन्य संचालन कितने महत्वपूर्ण होंगे। इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना और भारतीय नौसेना की विभिन्न संरचनाओं, रेजीमेंटों, संस्थानों, प्रतिष्ठानों और युद्धपोतों के बीच संस्थागत सहयोग को औपचारिक रूप देना है। 
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इसके माध्यम से दोनों सेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाने, परिचालन समन्वय मजबूत करने और दीर्घकालिक पेशेवर संबंध विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। समझौते के तहत आर्मी और नौसेना के अधिकारियों तथा जवानों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, संचालन प्रणाली, प्रशिक्षण व्यवस्था और जिम्मेदारियों को करीब से समझने का अवसर मिलेगा। दोनों सेनाओं के बीच संयुक्त गतिविधियों, पेशेवर आदान-प्रदान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और परिचयात्मक दौरों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। 

सेनाओं के बीच समन्वय बेहतर करने पर फोकस
इससे विभिन्न सैन्य इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग विकसित होगा। गुरुवार को हुए इस समझौता ज्ञापन पर भारतीय सेना की ओर से एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक और भारतीय नौसेना की ओर से चीफ ऑफ पर्सोनल वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ और नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्सायन भी मौजूद रहे। 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कई मौकों पर कह चुके हैं कि वर्तमान समय में सुरक्षा वातावरण लगातार जटिल बना हुआ है और तेजी से बदल रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा अब केवल देश की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के समुद्री और आर्थिक हितों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। भारतीय नौसेना देश के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने, समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने और निर्बाध व्यापार संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। 
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