एक्सरसाइज प्रगति-2026 के तहत मेघालय के उमरोई में चल रहा बहुराष्ट्रीय संयुक्त सैन्य अभ्यास अब अपने निर्णायक चरण में पहुंच गया है। 20 मई से शुरू हुए इस सैन्य अभ्यास में 12 मित्र देशों के 400 से अधिक सैन्यकर्मी हिस्सा ले रहे हैं। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और सैन्य सहयोग को मजबूत करना है।
गुवाहाटी में रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि समानता, मित्रता और पारस्परिक सम्मान की भावना के साथ आयोजित इस अभ्यास ने विभिन्न देशों की सेनाओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराया है, जहां वे संयुक्त प्रशिक्षण, सामरिक अनुभवों के आदान-प्रदान और बहुराष्ट्रीय वातावरण में आपसी तालमेल बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं।
संयुक्त टीमों में युद्धाभ्यास कर रहे सैनिक
अभ्यास की खास बात यह है कि इसमें सभी सहभागी देशों के सैनिकों को मिलाकर संयुक्त टीमें बनाई गई हैं, जो साझा मिशन के तहत एक साथ प्रशिक्षण ले रही हैं। रावत ने बताया कि पिछले तीन दिनों के दौरान इन मिश्रित टीमों ने अर्ध-पहाड़ी और घने जंगलों वाले इलाकों में कठिन सैन्य अभ्यास किए। इनमें रॉक क्राफ्ट, एंबुश और काउंटर-एंबुश ड्रिल, स्लिथरिंग, जंगल लेन शूटिंग और बस इंटरवेंशन जैसे ऑपरेशन शामिल रहे।
इसके अलावा स्नाइपर और एके-203 फायरिंग प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, ताकि सैनिकों की परिचालन क्षमता, आत्मविश्वास और पेशेवर समझ को और मजबूत किया जा सके। उन्होने बताया कि सैन्य अभ्यास के दौरान सैनिकों के बीच आपसी सौहार्द और तालमेल बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का भी हो रहा आयोजन
विभिन्न देशों के जवानों ने बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां विभिन्न सेनाओं के बीच विश्वास, टीम भावना और सैनिक सहयोग को और मजबूत करती हैं।
रावत ने बताया कि अधिकारियों ने बताया कि 'प्रगति 2026' न केवल सामूहिक सैन्य तैयारी को मजबूती दे रहा है, बल्कि क्षेत्रीय साझेदार देशों के बीच दीर्घकालिक रणनीतिक संबंधों को भी नई दिशा दे रहा है। यह अभ्यास साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए संयुक्त प्रशिक्षण, पारस्परिक सीख और पेशेवर सहयोग की सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।