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Indian Army: सेना ने आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत निकाले टेंडर, अनुबंध के बाद एक साल में करनी होगी डिलीवरी

Sun, 18 Sep 2022 08:23 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय सेना ने आपातकालीन खरीद प्रक्रिया के तहत टेंडर निकाले हैं। सेना द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, भारतीय उद्योगों के लिए निकाले गए इस टेंडर में अनुबंध के बाद एक उघोग समूह को एक साल के भीतर डिलीवरी करनी होगी।
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भारतीय सेना - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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भारतीय सेना ने आपातकालीन खरीद के जरिये मेक इन इंडिया के तहत निर्मित महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियां खरीदने के लिए टेंडर निकाले हैं। भारतीय सेना ने इस बारे में जानकारी दी है। सेना ने कहा है कि ' भारतीय सेना भारतीय रक्षा उद्योग को आपातकालीन खरीद के लिए महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों की पेशकश करने के लिए आमंत्रित करती हैं।' सेना ने बंदूकें, मिसाइल, ड्रोन, काउंटर-ड्रोन, लोइटर मूनिशन, संचार और ऑप्टिकल सिस्टम, विशेषज्ञ वाहन, इंजीनियरिंग उपकरण और वैकल्पिक ऊर्जा संसाधनों के लिए प्रस्ताव प्रस्तावित हैं। 

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भारतीय सेना ने बताया कि प्रक्रिया सीमित समय सीमा पर आधारित होगी। इस प्रक्रिया के तहत भारतीय उद्योगों के लिए खरीद खिड़की 6 महीने के लिए खुली रहेगी। साथ ही अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के एक वर्ष के भीतर ही भारतीय उद्योगों को उपकरण डिलीवर करने होंगे। भारतीय सेना ने यह भी बताया कि खरीद की पूरी प्रकिया खुले टेंडर पूछताछ पर ही आधारित होगी।

गौरतलब है कि इसी साल अगस्त माह में ऑपरेशनल तैयारियों को और मजबूत बनाने के लिए सरकार, रक्षा बलों को आपातकालीन अधिग्रहण शक्तियों के तहत महत्वपूर्ण हथियार प्रणालियों को खरीदने की अनुमति दी थी। आपातकालीन अधिग्रहण शक्तियां रक्षा बलों को फास्ट-ट्रैक रूट के तहत कोई भी सिस्टम या उपकरण खरीदने की अनुमति देती हैं। 
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 सर्जिकल स्ट्राइक के बाद मिली थी शक्तियां
गौरतलब है कि पाकिस्तान के साथ बढ़े तनाव के दौरान 2016 में उरी हमले के बाद हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पहली बार रक्षा बलों को जो शक्तियां दी गई थीं, वे मई 2020 से चल रहे चीन के साथ सैन्य गतिरोध से निपटने में भी मददगार रही हैं। पिछली मंजूरी में जो शक्तियां रक्षा बलों को दी गईं थी उनके तहत, रक्षा बलों के पास 300 करोड़ रुपये के उपकरणों के सौदों पर हस्ताक्षर करने की शक्ति थी। साथ ही इन उत्पादों को तीन महीने से एक साल के भीतर वितरित किया जाना था। सशस्त्र बलों को अपने बजटीय आवंटन से नए अधिग्रहण पर धन खर्च करना पड़ता है और उन्हें इन सौदों के लिए रक्षा मंत्रालय की मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं होती है।

सेनाओं ने किया है खुद को मजबूत
रक्षा बलों ने इन अधिग्रहणों के माध्यम से अपनी तैयारियों को मजबूत किया है। आपातकालीन अधिग्रहण शक्तियों के तहत भारतीय वायु सेना और सेना ने 'हेरॉन' मानव रहित हवाई वाहन खरीदें हैं जिन्हें अब लद्दाख के साथ-साथ पूर्वोत्तर में चीनी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी के लिए तैनात किया गया है।

JIMEX 22 का छठा संस्करण संपन्न
भारतीय नौसेना की ओर से आयोजित जापान-भारत समुद्री अभ्यास JIMEX 22 का छठा संस्करण संपन्न हो गया। इस दौरान 17 सितंबर को दोनों सेनाओं ने एक-दूसरे को विदाई दी। इसकी शुरुआत 11 सितंबर को बंगाल की खाड़ी में हुई थी। भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए तीन युद्धपोत, सह्याद्री, पनडुब्बी रोधी युद्धपोत कदमत और कवरत्ती ने किया।
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