लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पकड़े गए चीनी सैनिक को भारतीय सेना ने देर रात चुशूल मोल्डो बैठक प्वाइंट पर चीन की सेना को वापस सौंप दिया। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में कॉर्पोरल रैंक के अधिकारी वांग या लान्ग को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने पर सेना द्वारा हिरासत में लिया गया था।
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की समाचार वेबसाइट ने कहा, सोमवार को लद्दाख में भारतीय सेना द्वारा गिरफ्तार किए गए चीनी सैनिक को देर रात चीनी सीमा गश्त प्वाइंट पर वापस सौंप दिया गया। कॉर्पोरल वांग या लान्ग भटककर एलएसी के पार चले गए थे।
कॉर्पोरल वांग या लान्ग को पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में भारतीय सेना द्वारा गिरफ्तार गया था। भारतीय सेना के बयान के अनुसार, उन्हें अत्यधिक ऊंचाई पर और कठोर जलवायु परिस्थितियों से बचाने के लिए चिकित्सा सहायता, भोजन और गर्म कपड़े प्रदान किए गए।
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चीनी सैनिक के पकड़े जाने के बाद, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, भारतीय पक्ष की तरफ से समर्थन करने का वादा किया गया है और चिकित्सा जांच के बाद समय पर सैनिक को वापस करने का वादा किया गया है। हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा और चीनी सैनिक को जल्द ही वापस लौटा देगा।
गौरतलब है कि मई महीने से भारत और चीन सेना के बीच सीमा पर तनाव जारी है। इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई है। 15 जून की रात को लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद सीमा पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया।
वहीं, इस झड़प में हताहत हुए चीनी सैनिकों की संख्या को लेकर बीजिंग की तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की गई। हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस झड़प में चीनी सेना के 43 जवान हताहत हुए थे।
पिछले महीने, सीमा पर दो से ज्यादा बार हवाई फायरिंग की गई। इस दौरान दोनों देशों के सैनिक पेगोंग त्सो इलाके में एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। वहीं, सीमा पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुई हैं। हालांकि, अभी तक इसे लेकर कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है।