जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की नृशंस हत्या कर दी थी। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बायसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर गोली मार दी। 26 मृतकों में ज्यादातर पर्यटक हैं, जबकि दो विदेशी और दो स्थानीय नागरिक शामिल हैं। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव व्याप्त है।
नियंत्रण रेखा पर कुछ स्थानों पर पाकिस्तानी सेना की ओर से फायरिंग की गई। गोलीबारी छोटे हथियारों के जरिए की गई। भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना ने इसका प्रभावी ढंग से जवाब दिया। फिलहाल किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। सेना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भारतीय सेना ने गुरुवार रात जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर कुछ स्थानों पर पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया।
विज्ञापन
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से तनाव
पहलगाम आतंकी हमले के बाद से ही पाकिस्तान डरा हुआ है। वह भारत की जवाबी कार्रवाई के डर से छटपटा रहा है। इस बीच पड़ोसी मुल्क की ओर से फायरिंग की गई है। पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। आतंकी हमले में 26 नागरिक मारे गए थे।
गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया
एक सूत्र ने बताया कि नियंत्रण रेखा पर कुछ स्थानों पर पाकिस्तान की ओर से छोटे हथियारों से गोलीबारी की घटनाएं हुईं। गोलीबारी का प्रभावी ढंग से जवाब दिया गया। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
सीसीएस बैठक के अहम फैसले
इससे पहले पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए थे। इसमें 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया था। इसके साथ ही एकीकृत चेक पोस्ट अटारी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया था। इसके अलावा पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना के तहत भारत की यात्रा करने की अनुमति देने पर रोक लगा दी गई थी। भारत में मौजूद किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को भारत छोड़ने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था।