Lieutenant General Manoj Mukund Naravane
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जनरल नरवणे ने कहा कि भारतीय सेना लैंगिक समानता की हिमायती रही है। सेना धर्म, जाति, पंथ या लिंग के आधार पर किसी भी सैनिक के साथ भेदभाव नहीं करती है। हमारी सेना का नजरिया हमेशा से इसी तरह का रहा है और इसीलिए हमने 1993 की शुरुआत में महिला अधिकारियों को शामिल करना शुरू कर दिया था। आर्मी चीफ ने कहा, ‘सेना में महिला अफसरों को भी बराबर मौके दिए जा रहे हैं। उन्हें करियर में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मुहैया कराए जा रहे हैं।
सेना महिला अधिकारियों को रैंक के लिए पहल कर चुकी थी और 100 महिला अफसरों के पहले बैच की मिलिट्री पुलिस सेंटर में ट्रेनिंग चल रही है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश हमें और स्पष्टता देगा व इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि सेना में महिलाओं समेत सभी को आगे बढ़ने के लिए समान मौके दिए जाएंगे।’
जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान की नापाक साजिशों पर जनरल नरवाने ने कहा, ‘अब चीन भी यह मान चुका है कि वह हर स्थिति में पाकिस्तान का साथ नहीं दे सकता। अगर वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (एफएटीएफ) पाकिस्तान पर सख्ती दिखाता है तो उसे अपनी हरकतों के बारे में सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा।
कश्मीर घाटी में आतंकी वारदातों को कम करने में एफएटीएफ भी एक फैक्टर है।’ उन्होंने कहा कि हमारे पास इनपुट हैं और हम पाकिस्तान की बॉर्डर एक्शन टीम से पहले उन पर कार्रवाई कर सकते हैं। जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष कमान बनाने के सवाल पर आर्मी चीफ ने कहा कि इस पर विस्तृत चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
चीन भी समझ गया कि पाकिस्तान को हमेशा नहीं बचा पाएगा
सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने बृहस्पतिवार को चीन और पाकिस्तान पर एक साथ निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चीन को भी इस बात का एहसास हो गया है कि वह अपने ‘सदाबहार दोस्त’ पाकिस्तान को हमेशा नहीं बचा पाएगा।
पेरिस में चल रही एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर न करने की सिफारिश पर नरवणे ने कहा, अब चीन ने भी महसूस कर लिया कि वह हर समय अपने मित्र (पाकिस्तान) का बचाव नहीं कर सकता। एफएटीएफ आतंकी वित्त पोषण पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था है।