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Opration Sindoor: सधी कार्रवाई-सटीक निशाना...पलक झपकते दहशतगर्दों के ठिकाने तबाह; हर तरफ मलबे का ढेर

Fri, 09 May 2025 07:40 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय दहशतगर्दों के नौ ठिकाने पलक झपकते ही तबाह कर दिए। बहावलपुर से लेकर मुरीदके तक सिर्फ मलबे के ढेर दिखाई दिए। विभिन्न स्रोतों से सामने आ रहे कुछ वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरों में इसकी पुष्टि हुई है। 
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरें (फाइल) - फोटो : एएनआई / रॉयटर्स
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विस्तार
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भारतीय सैन्य बलों ने बुधवार तड़के ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में सक्रिय दहशतगर्दों के नौ ठिकानों को निशाना बनाया और पलक झपकते उन्हें पूरी तरह नेस्ताबूद कर दिया। विभिन्न स्रोतों से सामने आ रहे कुछ वीडियो और सैटेलाइट तस्वीरें भी इस अभियान की सफलता की पुष्टि कर रहे हैं।

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विशेषज्ञों का कहना है कि यह कार्रवाई इतनी सटीक और सधी हुई थी कि भारतीय विमानों को पाकिस्तानी वायुक्षेत्र में प्रवेश करने की जरूरत भी नहीं पड़ी। भारत ने रात 1:05 मिनट से रात 1:30 बजे के बीच यानी महज 25 मिनट की कार्रवाई में लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख ठिकानों को मलबे में तब्दील कर दिया।

रायटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मैक्सर टेक्नोलॉजी की तरफ से जारी की गई हमले के पहले और हमले के बाद की सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि आतंकियों के मरकज बुरी तरह तबाह हो चुके हैं। कुछ स्रोतों से ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं जो बहावलपुर और मुरीदके में दहशतगर्दों को पहुंची क्षति के बारे में दर्शाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पिछले कुछ दशकों में पड़ोसी देश में आतंक की पनाहगारों को निशाना बनाकर किया गया, सबसे बड़ा हमला था। वीडियो और तस्वीरों से यह भी पता चलता है कि पीओके में पांच और पाकिस्तान में चार आतंकी शिविरों को भी ऑपरेशन सिंदूर में काफी नुकसान पहुंचा है।
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मदरसों को कराया जा चुका था खाली
रायटर की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बहावलपुर और मुरीदके के मदरसों में अमूमन सैकड़ों की संख्या में छात्र मौजूद रहते हैं। लेकिन पहलगाम के बाद भारत की तरफ से कार्रवाई की संभावना को देखते हुए इन्हें काफी हद तक खाली करा दिया गया था। मुरीदके स्थित मरकज में बाहर लगे बोर्ड में इसे सरकारी स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक परिसर बताया गया था।

पाकिस्तानी सांसद ने माना- मसूद अजहर था टारगेट
पाकिस्तान के सांसद मलिक मोहम्मद इकबाल ने संसद में माना कि भारत के एयर स्ट्राइक में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को टारगेट किया गया था। इसी हमले में मसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों की मौत हुई और उसके 4 और करीबी भी मारे गए। इकबाल ने कहा-भारत ने बहावलपुर पर हमला किया, एक मस्जिद और मदरसे को निशाना बनाया और मौलाना मसूद अजहर पर हमला किया। अगर देश खतरे में है तो हम सब एक साथ हैं। वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि भारत की ओर से ड्रोन हमले के बाद उनकी ओर से जवाबी कार्रवाई जरूर की जाएगी।

सुनियोजित ऑपरेशन सराहनीय : फैबियन
पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई को सुनियोजित ऑपरेशन बताया और इसकी सराहना भी की। उन्होंने कहा, पुलवामा के बाद हमारे विमानों को पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में जाना पड़ा था। इस बार हमने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश किए बिना जवाबी कार्रवाई की है। सैन्य दृष्टिकोण से देखें तो यह बेहद महत्वपूर्ण है।

बहावलपुर...हर तरफ मलबे का ढेर
जैश के मरकज का एक गुंबद ध्वस्त सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि बहावलपुर की जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह की गुंबद में बड़े-बड़े छेद हो गए हैं और हर तरफ मलबे का ढेर नजर आ रहा है। मरकज से सटी अन्य इमारतें भी ढही हुई नजर आ रही हैं।

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साफ देखा जा सकता है कि इमारत के ऊपर बने पांच गुंबदों में से एक पूरी तरह तबाह हो गया है और बाकी चार क्षतिग्रस्त हैं। जबकि हमले से कुछ ही मिनट पहले की तस्वीरों में मस्जिद और उसके आसपास कई इमारतें नजर आ रही थीं। बहावलपुर का यह मरकज जैश का मुख्यालय था। यह 2015 से सक्रिय था और जैश का प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र था। पुलवामा हमले की साजिश का केंद्र बने इस मरकज में जैश सरगना मसूद अजहर के परिवार के कई सदस्य रहते थे, जो ऑपरेशन सिंदूर की चपेट में आकर मारे गए।

मुरीदके...सालों से बना रहे थे कट्टर
मुरीदके में लश्कर के मरकज भी पूरी तरह जमींदोज भारतीय सैन्य बलों का दूसरा प्रमुख निशाना मुरीदके स्थित लश्कर-ए-ताइबा का मरकज था। हमले से पूर्व की तस्वीरों में इस विशाल परिसर में कई इमारतें नजर आ रही हैं, जिसमें कम से कम 1000 छात्र पढ़ते थे। यहीं इन्हें कट्टरता का पाठ पढ़ाकर लश्कर में भर्ती होने के लिए प्रेरित किया जाता था।

  • मुंबई हमले में शामिल अजमल कसाब और हेडली जैसे खूंखार आतंकी तैयार करने वाला मरकज ताइबा 2000 से सक्रिय है। हमले के बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में मरकज की तमाम इमारतें जमींदोज नजर आ रही हैं।

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