नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना से तुलना करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता तपन बोस को भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया है। तपन बोस ने बुधवार को सेना का अपमान करते हुए विवादित बयान दिया था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तपन बोस ने सेना पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह अपने ही लोगों को मार रही है। इस पर भारतीय सेना ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जवाब दिया।
तपन बोस ने बुधवार को सेना का अपमान करते हुए विवादित बयान दिया था। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तपन बोस ने सेना पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह अपने ही लोगों को मार रही है। उन्होंने भारतीय सेना और पाकिस्तानी सेना एक जैसा बताया था।
इस पर भारतीय सेना ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जवाब दिया। सेना के अधिकारियों ने कहा, 'भारतीय सेना भारत के विचार को मजबूत करती है और राष्ट्रीय मूल्यों पर चलती है। सेना राष्ट्रहित, संप्रुभता और क्षेत्रीय अखंडता और देश की एकजुटता की रक्षा के लिए काम करती है।'
सेना ने कहा, 'हम संविधान के आदर्शों को बनाए रखते हैं, छद्म युद्धों का जवाब देते हैं, देश के भीतर के खतरों को हराते हैं। और अपनी सरकार व भारत के लोगों के साथ मिलकर काम करते हैं और हमारे सारे कदम देश को समर्पित होते हैं। सेना जाति, धर्म और पंथ के आधार पर भेदभाव नहीं करती है।'
क्या कहा था तपन बोस :
तपन बोस ने कहा था, यहां (भारत) का सत्ता पक्ष और वहां (पाकिस्तान) का सत्ता पक्ष एक जैसा है। यहां की सेना और वहां की सेना एक जैसी है। वहां की सेना अपने लोगों को मारती है और अपने यहां की सेना भी अपने लोगों को मारती है। दोनों में कोई अंतर नहीं है।'