गोला-बारूद को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजने के लिए खेप को ट्रैक करने की व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सेना ने गोला-बारूद की आरएफआईडी टैगिंग की शुरुआत की है।
भारतीय सेना ने अपनी गोला-बारूद सूची की रेडियो फ्रीक्वेंसी पहचान (आरएफआईडी) टैगिंग शुरू कर दी है। सेना ने बुधवार को बताया कि आरएफआईडी टैग वाले गोला-बारूद की पहली खेप को खड़की स्थित आयुध फैक्टरी से पुलगांव स्थित केंद्रीय आयुध डिपो भेजा गया है। इसमें 5.56 मिलीमीटर (एमएम) गोला-बारूद के तीन लॉट शामिल हैं।
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सेना ने कहा कि आरएफआईडी को लागू करने से हमारी ट्रैकिंग क्षमताएं बेहतर होंगी। इसके अलावा गोला-बारूद लाने-ले जाने की लागत कम होगी और गोला-बारूद का प्रबंधन अधिक प्रभावी स्तर पर हो सकेगा। सेना के अनुसार इससे गोला-बारूद के भंडारण को भी सुरक्षित बनाया जा सकेगा और फील्ड आर्मी की क्षमताओं में भी इजाफा होगा।