भारत और पाक के बीच तनाव और तनातनी के मसले कभी कम नहीं होते। जहां दोनों देशों के बीच कई मामलों को लेकर तनाव का माहौल है वहीं इस बार दोनों देशों के राजनयिक भी आमने-सामने आ गए हैँ। जहां पाकिस्तान अपने देश में भारतीय राजनयिकों की एंट्री राजनयिकों के लिए बनाए गए इस्लामाबाद क्लब में करने से इंकार कर चुका है। जिसके बाद भारत ने भी उसे उसकी भाषा में जवाब देते हुए पाकिस्तानी राजनयिकों को दिल्ली के गोल्फ क्लब और दिल्ली जिमखाने में प्रवेश देने से मना कर दिया है।
पिछले महीने भारतीय उच्चायुक्त अजय बिसारिया ने भारतीय राजनयिकों को इस्लामाबाद क्लब में प्रवेश ना देने के मामले को पाकिस्तान में उच्च अधिकारियों के सामने उठाया था। ऐसा लगता है कि इस्लामाबाद ने भारत के नक्शे कदम पर चलने का निर्णय लिया है। भारतीय उच्चाधिकारियों से पाकिस्तानी दूतावास की तरफ से ऐसी ही शिकायतें आ रही हैं। राजनयिक सूत्रों के अनुसार एक महीने से अधिक समय होने के बाद भी भारतीय दूतावास के अधिकारियों को क्लब की मेंबरशिप नहीं दी गई है।
इतना ही नहीं खुद अजय बिसारिया भी क्लब नहीं जा पा रहे हैं। इस बारे में पिछले महीने भी इस्लामाबाद में वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। पाकिस्तान का कहना है कि दिल्ली में उनके अधिकारियों को क्लब की मेंबरशिप महंगी दरों पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। अपनी बात साबित करने के लिए पाक अधिकारी ने बताया कि जहां हम भारतीय राजनयिकों से इस्लामाबाद क्लब की 3 साल की मेंबरशिप के लिए 1500-1800 डॉलर लेते हैं। वहीं पाक राजनयिकों से इसी अवधि के लिए दिल्ली गोल्फ क्लब में 15,000 डॉलर वसूले जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार पाक अधिकारियों की आपत्ति पर भारत की तरफ से कोई बहुत अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिली है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि चूंकि जिमखाना क्लब और दिल्ली गोल्फ क्लब प्राइवेट क्लब हैं इसलिए उनसे फीस को कम करवाना भारत सरकार के लिए संभव नहीं है। पाकिस्तान राजनयिकों का दावा है कि जहां इस्लामाबाद क्लब में भारतीय राजनयिकों को पूरे परिवार के साथ प्रवेश दिया जाता है। वहीं दिल्ली पाक राजनयिकों को उनके बच्चे ले जाने नहीं दिए जाते हैं। पाक अधिकारियों का कहना है कि गोल्फ क्लब और जिमखाना मिलकर भी इस्लामाबाद क्लब जितनी सुविधाएं मुहैया नहीं करवाता है।