यूएस के भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसमैन रो खन्ना ने शुक्रवार को भारत को द्विपक्षीय रक्षा संबंधों में नाटो के बराबर का दर्जा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि इस दर्जे से भारत और अमेरिका के संबंधों को अगले स्तर पर ले जाएगी। इसके लिए उन्होंने पेंटागन के अधिकारियों से भारत-अमेरिकी रक्षा संबंधों सहित अन्य विषयों पर बैठक की।
खन्ना ने कहा, 'मैं इलियट एंगल के साथ काम कर रहा हूं जो विदेशी संबंध समिति के अध्यक्ष हैं ताकि हम अपने रक्षा संबंधों में भारत को नाटो के बराबर का दर्जा दे सकें। मैंने सदन में सशस्त्र सेवा समिति को लेकर एक विधेयक पेश किया है और इसे पास करवाने के लिए एक गठबंधन बनाने के लिए काम कर रहा हूं।' खन्ना ने रैंडी श्रीलर के साथ बैठक में भारत-अमेरिकी संबंधों के रणनीतिक महत्व के बारे में गहनता से बातचीत की।
दोनों ने चर्चा की कि लोकतंत्र को बढ़ावा देने में आर्थिक और रक्षा संबंधों को कैसे मजबूत किया जाए। खन्ना ने कहा, 'हमने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर जोर देने के साथ ही पाकिस्तान को आतंकवादियों को शरण देने से रोकने पर भी चर्चा की।' सिलिकन वैली से दो बार के कांग्रेस सांसद का यमन और ईरान में युद्ध रोकने के काम ने देश का ध्यान खींचा था।
मुख्यधारा की टेलीविजन मीडिया पर लगातार उपस्थिति के साथ ही खन्ना एक ऐसे सांसद हैं जो अमेरिका को भारत के साथ संबंध मजबूत करने की वकालत करते हैं। खन्ना ने कहा, 'मेरा मानना है कि नवाचार, उद्यमिता और लोकतंत्र के लिए अमेरिका-भारत के संबंध 21वीं सदी में काफी महत्वपूर्ण हैं। यह सम्मान, बहुलवाद और मजबूत उदार संस्थानों के प्रगतिशील मूल्यों पर आधारित होने चाहिए।'
खन्ना पुलवामा आतंकी हमले की निंदा वाले विधेयक के 11 प्रायोजकों में से एक थे। इस हमले को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था। इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। वह महात्मा गांधी के 150वें जन्मदिन पर गांधी किंग स्कॉलरशिप एक्सचेंज प्रोग्राम को आयोजित करने के लिए कांग्रेसी जॉन लुईस के साथ भी काम कर रहे हैं।