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Nijjar case: 'कनाडा ने साझा नहीं किया कोई सबूत', भारतीय राजदूत बोले- राजनयिकों पर लगाए आरोप राजनीति से प्रेरित

Sun, 20 Oct 2024 11:51 PM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय राजदूत संजय कुमार वर्मा ने कहा कि भारत कनाडा के साथ बातचीत करने के लिए कुछ सबूत देखना चाहता था, लेकिन दुर्भाग्य से, कनाडा ने अभी तक कोई सबूत साझा नहीं किया है। 
 
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भारतीय राजदूत संजय कुमार वर्मा - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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ओटावा में भारतीय राजदूत संजय कुमार वर्मा ने कहा कि कनाडा ने खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत के साथ कोई सबूत साझा नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कनाडा द्वारा भारतीय राजनयिकों पर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।

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संजय वर्मा का एक साक्षात्कार रविवार को प्रसारित हुआ, जिसमें उन्होंने कनाडा में कुछ व्यक्तियों को निशाना बनाने में भारत सरकार की संलिप्तता के ओटावा के आरोप को भी खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा कि भारत कनाडा के साथ बातचीत करने के लिए कुछ सबूत देखना चाहता था, लेकिन दुर्भाग्य से, कनाडा ने अभी तक कोई सबूत साझा नहीं किया है। वर्मा ने यह भी कहा कि भारत एक नियम-आधारित देश है। साझा किया गया कोई भी सबूत कानूनी रूप से स्वीकार्य होना चाहिए। 
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कनाडाई अधिकारियों द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के बारे में पूछे जाने पर, भारतीय राजदूत ने निज्जर मामले में किसी भी तरह की संलिप्तता से दृढ़ता से इनकार किया।

कनाडा द्वारा वर्मा और कुछ अन्य भारतीय राजनयिकों को इस मामले से जोड़ने के बाद भारत और कनाडा के बीच संबंधों में गिरावट आई है। आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए नई दिल्ली ने सोमवार को ओटावा से उच्चायुक्त वर्मा और पांच अन्य राजनयिकों को वापस बुलाने की घोषणा की, जबकि छह कनाडाई राजनयिकों को भारत से निष्कासित कर दिया था।

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा ने भारतीय एजेंटों पर हत्या, वसूली और हिंसक कृत्यों में शामिल होने का आरोप लगाया है, जो खालिस्तान समर्थकों को निशाना बना रहे हैं। भारत ने इन आरोपों का खंडन किया है।
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वर्मा ने कहा कि भारत कानून के शासन वाला देश है और कनाडाई अदालत में स्वीकार्य कोई भी चीज भारतीय अदालत में भी स्वीकार्य होगी और इसलिए सबूत काम करेंगे।

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