घायल जवानों को एयरलिफ्ट करते वायु सेना के जवान
- फोटो : X/@IAF_MCC
सुबह सवा 11 बजे मिली दुर्घटना की जानकारी
भारतीय रक्षा मंत्रालय के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विंग कमांडर हिमांशु तिवारी ने कोलकाता में बताया कि दुर्घटना की जानकारी सुबह करीब 11:15 बजे मिली। जानकारी मिलते ही एक घंटे के भीतर बागडोगरा एयरबेस से दो चीता हेलीकॉप्टर और एक एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर को तुरंत तैनात किया। खराब मौसम की स्थिति और ज़ुलुक हेलिपैड की लगभग 9000 फीट की ऊंचाई के बावजूद, हेलीकॉप्टरों ने सफलतापूर्वक घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
घायल जवानों को एयरलिफ्ट करते वायु सेना के जवान
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पहले 12 कर्मी घायल होने की मिली थी सूचना
इससे पहले, 20 दिसंबर की शाम एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, रक्षा अधिकारियों के मुताबिक, वायु सेना की पूर्वी कमान ने जवानों को बाहर निकालने और उन्हें बागडोगरा के पास बेंगडुबी में एक सैन्य अस्पताल में ले जाने के लिए जुलुक हेलीपैड पर अपने चीता चॉपर और गंगटोक में एमआई-17 हेलीकॉप्टर तैनात किए। बाहर निकाले गए सभी 12 कर्मी अब खतरे से बहार हैं। अधिकारियों ने बताया कि जुलुक में हेलीपैड आकार में बहुत छोटा है और करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई पर है।