नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा कि कुछ सदस्यों को बिल का नाम अंग्रेजी से हिंदी किए जाने पर आपत्ति है। मगर इसका हिंदी नाम भारत के इतिहास और संस्कृति से प्रेरित है। साथ ही इसमें किसी भी तरह के सांवधानिक नियम का अतिक्रमण नहीं किया गया है। हो सकता है नाम का उच्चारण करने में शुरू में थोड़ी दिक्कत आएगी, लेकिन बाद में यह आदत में आ जाएगा।
संसद ने गुरुवार को भारतीय वायुयान विधेयक 2024 को मंजूरी दी। यह विधेयक 90 साल पुराने विमान अधिनियम 1934 की जगह लेगा। जिसमें अब तक 21 बार संशोधन किया जा चुका है। इस विधेयक के बाद तेजी बढ़ते विमानन क्षेत्र में कारोबार के नए रास्ते खुलेंगे। साथ ही हवाई यात्रा भी किफायती होगी। क्योंकि एयरलाइन कंपनियों की उड़ानों की कीमतों का नियंत्रण भी किया जा सकेगा। विधेयक को गुरुवार को राज्यसभा में ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। विधेयक को नौ अगस्त को लोकसभा में मंजूर कर दिया गया था।
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राज्यसभा में विधेयक पर बहस के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने कहा कि कुछ सदस्यों को बिल का नाम अंग्रेजी से हिंदी किए जाने पर आपत्ति है। मगर इसका हिंदी नाम भारत के इतिहास और संस्कृति से प्रेरित है। साथ ही इसमें किसी भी तरह के सांवधानिक नियम का अतिक्रमण नहीं किया गया है। हो सकता है नाम का उच्चारण करने में शुरू में थोड़ी दिक्कत आएगी, लेकिन बाद में यह आदत में आ जाएगा।
विधेयक में सुरक्षा, नियामक निरीक्षण और ग्राहकों के संरक्षण के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों से तालमेल बिठाने का प्रयास किया गया है। विधेयक विमान निर्माण में आत्मनिर्भरता को भी बढ़ावा देगा और निवेश को प्रोत्साहित करेगा। साथ ही नागरिक उड्डयन प्राधिकरणों के लिए मजबूत शासन संरचना बनेगी। नागरिक उड्डयन मंत्री ने कहा कि हवाई किराये को लेकर कुछ सदस्यों ने चिंता जताई है। मगर सरकार उड़ान योजना के जरिये हवाई यात्रा की पहुंच में सुधार करने और इसे किफायती बनाने पर काम कर रही है। हवाई टिकट मूल्य निर्धारण तंत्र को विनियमित कर दिया गया है। उन्होंने स्थानीय हवाई अड्डों को विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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नायडू ने कहा कि 1994 से ही हवाई किराये को वैश्विक स्तर पर और भारत में भी नियंत्रण मुक्त कर दिया गया है। मंत्रालय हवाई किराये की निगरानी करता है। एयरलाइनों का भी दायित्व है कि वे किसी विशेष मार्ग के लिए किराया तय करने से पहले मंत्रालय को सूचित करें। नागरिक उड्डयन मंत्रालय टिकट मूल्य निर्धारण की निगरानी करता है और अगस्त में हवाई किराये के मुद्दे पर एयरलाइनों के साथ एक बैठक हुई थी। नायडू ने कहा कि इस साल दिवाली से पहले दो दिनों के दौरान हवाई किराया पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम था। उन्होंने कहा कि प्रमुख क्षेत्रों में टिकट की कीमतों में 2 से 42 प्रतिशत की कमी आई।
उन्होंने कहा कि हम टैरिफ निगरानी को मजबूत बना रहे हैं ताकि एयरलाइन अपनी मर्जी से काम न कर सकें। हम उन पर नजर रख रहे हैं। नायडू ने कहा कि विधेयक के बाद 2010 में जारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के सर्कुलर में एक खंड को हटा दिया जाएगा।