अमेरिकी रक्षा कंपनी बोइंग के अपाचे और चिनूक सैन्य हेलीकाप्टरों ने पहली उड़ान भरी। भारतीय वायुसेना को अगले साल ये हेलीकाप्टर मिल जाएंगे।
भारत बोइंग से हमला करने में सक्षम 22 एएच-64 ई अपाचे और 15 सीएच-47 एफ (आई) चिनूक हेलीकाप्टर खरीद रहा है। सरकार ने सितंबर, 2015 में दोनों हेलीकाप्टरों का कांटेक्ट दिया था।
बोइंग इंडिया के अध्यक्ष प्रत्यूष कुमार ने कहा कि दोनों हेलीकाप्टरों के शामिल होने से भारतीय सशस्त्र बल और मजबूत हो जाएंगे। भारत को दोनों हेलीकाप्टरों के आधुनिकतम संस्करण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बोइंग की भारतीय साझेदार डायनामेटिक्स ने चिनूक का बड़ा हिस्सा बनाया है। वहीं, टाटा बोइंग के साझा उपक्रम ने हैदराबाद में अपाचे का ढांचा बनाया है।
रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल बोइंग से 4,168 करोड़ रुपये कीमत के छह अपाचे हेलीकाप्टर खरीदने की मंजूरी दी थी। ये हेलीकाप्टर सेना को सौंपे जाएंगे।
इन हेलीकाप्टरों का ढांचा टाटा बोइंग एयरोस्पेस लिमिटेड बनाएगी।
अमेरिकी सेना एएच-64ई अपाचे हेलीकाप्टर का हमला करने में इस्तेमाल करती है। चिनूक का इस्तेमाल सैनिकों, हथियारों, उपकरणों और ईंधन को ढोने के लिए किया जाता है।