पिछले महीने म्यांमार में भूकंप राहत सामग्री लेकर जा रहे उसके कुछ विमानों को जीपीएस सिस्टम में गड़बड़ी का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद भारतीय वायुसेना ने सफलतापूर्वक अपना मिशन पूरा किया। आईएएफ ने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट करके दी।
भारतीय वायुसेना ने म्यांमार के मांडले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास जीपीएस सिस्टम में गड़बड़ी की स्थिति में भी अपने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। वायुसेना ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर यह जानकारी दी। जहां भारतीय वायुसेना ने कहा कि मांडले अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे द्वारा जारी नोटिस (एनओटीएएम) में जीपीएस की खराब उपलब्धता की जानकारी दी गई थी, लेकिन हमारे पायलटों के द्वारा ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी सावधानियां पहले ही ले ली गई थी।
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बता दें कि भारतीय वायुसेना (आईएएफ) ने बताया कि पिछले महीने म्यांमार में भूकंप राहत सामग्री लेकर जा रहे उसके कुछ विमानों को जीपीएस सिस्टम में गड़बड़ी का सामना करना पड़ा था। लेकिन इसके बावजूद वायुसेना ने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया। आईएएफ ने मामले में यह स्पष्ट किया कि उनके पायलट ऐसी तकनीकी चुनौतियों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं और हर मिशन को योजना के अनुसार सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
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पायलय समस्याओं से निपटने में सक्षम
अपने ट्वीट में वायुसेना ने आगे कहा किहमारे पायलट ऐसी जीपीएस की कमी जैसी तकनीकी समस्याओं से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं और उन्होंने उड़ान की सुरक्षा और मिशन की सफलता दोनों को सुनिश्चित किया। साथ ही वायुसेना ने कहा कि हर मिशन को योजना के अनुसार पूरा किया गया।
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क्या है एनओटीएएम, समझिए
एनओटीएएम- NOTAM (Notice to Airmen) एक अधिसूचना होती है जो पायलटों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को उड़ान से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में पहले से बता देती है, जैसे मौसम, नेविगेशन सिस्टम में खराबी या हवाई क्षेत्र में बदलाव।
म्यांमार में तबाही, भारत ने निभाया पड़ोसी धर्म
गौरतलब है कि भारत ने 28 मार्च को म्यांमार में आए भूकंप के बाद ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत राहत सामग्री, फील्ड अस्पताल और बचाव दल भेजा। इसमें सी-130जे सुपर हरक्यूलिस और सी-17 ग्लोबमास्टर जैसे बड़े सैन्य विमान शामिल थे। कुल छह विमानों ने राहत सामग्री पहुंचाई, जिनमें से ज्यादातर को GPS सिग्नल में गड़बड़ी का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके वायुसेना ने अपना मिशन सफलतापूर्वक पूरा किया।