भारतीय जांच एजेंसियां अब इन नागरिकों से यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या वे म्यांमार के 'केके पार्क' नाम के साइबर ठगी केंद्र में काम कर रहे थे। यह वही जगह है, जहां हाल ही में छापा मारा गया था और जिसके बाद 28 देशों के करीब 1500 लोग भागकर थाईलैंड पहुंचे थे।
म्यांमार के एक कुख्यात साइबर ठगी केंद्र से भागकर थाईलैंड पहुंचे भारतीय नागरिकों को भारत लाने के बाद जांच एजेंसियों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इन लोगों से यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं वे ऑनलाइन ठगी के काम में शामिल तो नहीं थे। सूत्रों ने बताया कि 270 भारतीय नागरिकों, जिनमें 26 महिलाएं भी शामिल हैं, को भारतीय वायुसेना के दो सी-130जे सुपर हरक्यूलिस विमान के जरिए गुरुवार को थाईलैंड से भारत लाया गया।
थाईलैंड में जुर्माना और सामान जब्त
ये सभी लोग म्यांमार के म्यावाडी कस्बे से भागकर थाईलैंड के सीमा शहर माए सॉट पहुंचे थे। चूंकि सभी ने थाईलैंड की सीमा अवैध रूप से पार की थी, इसलिए वहां के अधिकारियों ने सभी पर जुर्माना लगाया। इमिग्रेशन अधिकारियों ने भारतीयों से मोबाइल फोन, लैपटॉप, कई देशों के पासपोर्ट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए।
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200 और भारतीयों के वापसी की तैयारी
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत अब करीब 200 और भारतीयों को माए सॉट से वापस लाने की तैयारी में है। उनकी वापसी के बाद भी उनसे पूछताछ की जाएगी। कुल मिलाकर 465 भारतीय नागरिकों ने 23 से 30 अक्तूबर के बीच अवैध रूप से थाईलैंड की सीमा पार की थी। पहला दल पहले अंडमान और निकोबार द्वीप समूह लाया गया था, जहां से उन्हें आईएल-76 विमान के जरिए नई दिल्ली भेजा गया। इस पूरी प्रक्रिया में बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास और चियांग माई स्थित वाणिज्य दूतावास ने थाई अधिकारियों के साथ मिलकर मदद की।
म्यांमार और अन्य देशों में साइबर ठगी नेटवर्क
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार समेत कंबोडिया, लाओस, फिलीपींस और मलयेशिया में ऐसे ठगी केंद्र चल रहे हैं, जहां दुनियाभर के लोगों को धोखे से बुलाकर उनसे ऑनलाइन ठगी कराई जाती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन केंद्रों में सैकड़ों लोग मानव तस्करी के शिकार हैं और उन्हें अपराधी नेटवर्क की तरफ से जबरन ठगी के काम में लगाया गया है। सरकार ने कहा है कि भारत थाईलैंड और म्यांमार की सरकारों के साथ मिलकर ऐसे सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने की कोशिश कर रहा है, जो अब भी म्यांमार में फंसे हुए हैं।