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एलओसी से व्यापार के नाम पर घाटी में आतंक फैला रहे ये पाकिस्तानी

Thu, 25 Apr 2019 12:36 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर
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भारतीय एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित 10 आतंकियों की पहचान की है जो मूलरूप से कश्मीर से ताल्लुक रखते हैं। यह ऐसी कंपनिया चला रहे हैं जिसका इस्तेमाल नियंत्रण रेखा पार से होने वाली व्यापार व्यवस्था में दुरुपयोग करके आतंक के लिए फंड, अवैध हथियार, ड्रग्स और कश्मीर में फर्जी नकदी लाने के लिए हो रहा था।

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भारत ने 19 अप्रैल को सीमापार से होने वाले व्यापार को रोक दिया था। भारत ने कहा था कि व्यापारी सीमापार से होने वाले व्यापार का इस्तेमाल कश्मीर घाटी में अवैध कार्यों और देश विरोधी गतिविधियों के लिए कर रहे हैं। अधिकारियों का दावा है कि व्यापारियों ने सीमापार व्यापार के उद्देश्य को धूमिल कर दिया है। 

इसका लक्ष्य जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार स्थानीय आबादी के बीच आम उपयोग के सामानों के आदान-प्रदान की सुविधा के लिए था। पहचान किए गए पाकिस्तान स्थित 10 आतंकी कश्मीर के विभिन्न हिस्सों से आते हैं। जिसमें बडगाम, पंपोर, श्रीनगर, सोपोर और पुलवामा शामिल हैं। 
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यह आतंकी 90 के दशक में पाकिस्तान गए थे और आतंकी संगठनों में शामिल हो गए थे। जिसमें मुख्य रूप से हिज्बुल मुजाहिद्दीन शामिल है। पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच करने से इसकी पुष्टि हुई है कि यह सीमापार व्यापार में जिन कंपनियों के जरिए संलिप्त थे, वह पाकिस्तान के आतंकियों के नियंत्रण में है। 

दिलचस्प बात यह है कि भारत की तरफ से इन कंपनियों को पाकिस्तानी व्यापारियों के रिश्तेदार संचालित कर रहे थे। जिन आतंकी और सीमापार व्यापारियों की पहचान हुई है उनमें बशरत आर्म्ड भर शामिल है जो मूलरूप से बडगाम का रहने वाला लेकिन वह पाकिस्तान आ गया था और आतंकी संगठन में शामिल हो गया। वह अब रावलपिंडी में रहकर अल नसीर ट्रेडिंग कंपनी चलाता है जो सीमापार व्यापार में सक्रिय है। 

दूसरे आतंकी का नाम शब्बीर इलाही है जो मूलरूप से सोपोर का रहने वाला है और हिज्बुल का सदस्य है। वह एमएन ट्रेडिंग कंपनी और सुल्तान ट्रेडर्स का संचालन करता है। एनआईए ने एक मामले में उसके खालिफ चार्जशीट दायर की है। तीसरे आतंकी का नाम शौकत अहमद भट्ट है जो मूलरूप से बडगाम रहने वाला है। वह 1990 में हथियारों के प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान चला गया था और ताहा एंटरप्राइसिस नाम की कंपनी चलाता है। 

चौथे आतंकी का नाम नूर मोहम्मद घनई है जो बडगाम के बीरवाह से ताल्लुक रखता है। वह 1990 में हथियारों के प्रशिक्षण के लिए पाकिस्तान गया था और अब अपने भाई फारूक अहमद घनई के साथ अल नूर नाम की ट्रेडिंग कंपनी चलाता है। पांचवे आतंकी का नाम खुर्शीद है जो मूलरूप से श्रीनगर का रहने वाला है। वह पाकिस्तान के आतंकी संगठन में शामिल हो गया था और एमएस खुर्शीद एंड संस के नाम से कंपनी चलाता है। 

छठे आतंकी का नाम अमीर है। वह मूलरूप से जम्मू-कश्मीर के पट्टन का रहने वाला है और वर्तमान में रावलपिंडी रहता है। सातवें आतंकी का नाम सैयद अजय अहमद शाह उर्फ एजाज रहमानी है जो मूलरूप से श्रीनगर का निवासी है। वह 1990 में आतंकी संगठन में शामिल हुआ था। वह फिलहाल मुजफ्फराबाद में रह रहा है। जांच से पता चला है कि एजाज का रिश्तेदार अरशद इकबाल शाह 2010 से एमएस एमए ट्रेडर्स के जरिए सीमापार व्यापार कर रहा था।

आठवें आतंकी का नाम मेहराजुद्दीन है जो मूलरूप से त्राल का रहने वाला है। वह आतंकी संगठन में शामिल हो चुका है और रावलपिंडी में रहता है। वह मेहराजुद्दीन ट्रेडर्स के नाम से कंपनी चलाता है। नौंवे आतंकी का नाम अब्दुल राशिद भट्ट है। वह  मेहराजुद्दीन का बड़ा भाई है और सीमापार व्यापार का पंजीकृत व्यापारी है। दसवें आतंकी का नाम नजीर अहमद भट्ट है जो पंपोर का रहने वाला है। वह न्यू कश्मीर ट्रेडर्स/न्यू कश्मीर फर्म के नाम से कंपनी संचालित करता है।
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