राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे से ठीक पहले अमेरिका ने भारत को एकीकृत वायुरक्षा हथियार प्रणाली (आईएडीडब्लूएस) बेचने की मंजूरी दे दी है। मगर इसे लेकर भारत चिंता में है। बता दें भारत करीब 1.867 अरब डॉलर का यह सौदा दिल्ली को विमान, क्रूज मिसाइल या ड्रोन हमलों से सुरक्षित करने के लिए कर रहा है।
भारतीय रक्षा और उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक भारत सरकार ने अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन से सैन्य हेलीकॉप्टर सौदे की तैयारी कर ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ट्रंप के दौरे से पहले दोनों देशों के सामरिक रिश्ते को पूरी तरह पक्का करने के लिए हर बाधा दूर कर लेना चाहती है, ताकि चीन को टक्कर दे सके।
उम्मीद है कि पीएम मोदी की सुरक्षा संबंधी कैबिनेट कमेटी भारतीय नौसेना के लिए 24 एमएच-60आर सीहॉक हेलीकॉप्टर खरीद को दो हफ्ते में मंजूरी दे देगी। रक्षा सूत्रों ने बताया कि यह दोनों सरकारों के बीच का सौदा है।
उन्होंने बताया कि लॉकहीड मार्टिन और भारत सरकार के बीच सौदे को लेकर लंबी बातचीत की अवधि घटा कर हेलीकॉप्टर खरीद की जाएगी और इन्हें जल्द भारतीय पोतों पर तैनात किया जाएगा। अमेरिका से 2007 के बाद से भारत की रक्षा खरीद बढ़कर 17 अरब डॉलर तक पहुंच गई है।