देश के प्रतिष्ठित निजामुद्दीन औलिया दरगाह से जुड़े दो सूफी धर्मगुरुओं के पाकिस्तान में अचानक गायब हो जाने के मामले में कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस मामले में जहां भारत ने अपने उच्चायोग के माध्यम से लापता हुए धर्मगुरुओं की जानकारी मांगी है, वहीं गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है।
उधर, पाकिस्तान ने शुक्रवार को कहा कि उसे लापता भारतीय उलेमाओं के बारे में अब तक कुछ पता नहीं चला है। गौरतलब है कि नई दिल्ली के निजामुद्दीन दरगाह के सज्जादानशीन 80 साल के सैयद आसिफ निजामी और नाजिम निजामी पाकिस्तान में लापता हो गए हैं।
इस मामले को पाकिस्तान के समक्ष उठाने की जानकारी खुद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दी है। विदेश मंत्री ने ट्वीट के माध्यम से कहा कि लापता धर्मगुरुओं सैयद आसिफ निजामी और उनके रिश्तेदार नाजिम निजामी के बारे में भारत ने पाकिस्तान से जानकारी उपलब्ध कराने के लिए कहा है। मंत्रालय के सूत्र के मुताबिक उच्चायोग के माध्यम से इन धर्मगुरुओं की जानकारी मांगे जाने के बाद पाकिस्तान ने युद्ध स्तर पर तलाश शुरू करने की जानकारी दी है।
दोनों धर्मगुरु 13 मार्च को बाबा फरीद की दरगाह पर चादर चढ़ाने के लिए लाहौर गए थे। इन्होंने 14 मार्च को इसी शहर में एक अन्य दरगाह दाता दरबार में चादर चढ़ाई थी। अगले दिन जब वे कराची की उड़ान लेने एयरपोर्ट पहुंचे तो नाजिम को जहां कागजी कार्रवाई पूरी करने के नाम पर रोक लिया गया, वहीं उनके रिश्तेदार आसिफ को हवाई जहाज पर सवार होने के लिए कहा गया। आसिफ के लिए उनके रिश्तेदार कराची एयरपोर्ट पर इंतजार करते रहे, मगर वह बाहर नहीं निकले और उनका फोन भी बंद हो गया। फोन बंद होने के कारण आसिफ के भारत में रहने वाले रिश्तेदार भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।
उधर, पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकरिया ने कहा, ‘अब तक लापता भारतीय धर्मगुरुओं का कोई पता नहीं चला है। हालांकि हम इस मामले में स्वयं ही बहुत ही सक्रिय हैं।’ उन्होंने कहा, ‘हमने सभी संबंधित विभागों से मामले पर ध्यान देने को कहा है।’ उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने बृहस्पतिवार को विदेश विभाग से लापता उलेमाओं का पता लगाने का अनुरोध किया था।