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सुदर्शन चक्र मिशन: सरकार की चेतावनी- नागरिकों को खतरे में डालेगा आतंकवाद, तो पूरी ताकत से दिया जाएगा जवाब

Wed, 20 Aug 2025 10:15 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

सरकार ने बुधवार को कहा कि 'सुदर्शन चक्र मिशन' का उद्देश्य भविष्य के युद्धों की तैयारी करना और भारत में ही रक्षा तकनीक विकसित करना है। पिछले 11 वर्षों में भारत की रक्षा और सुरक्षा में कई सुधार हुए हैं, जिससे देश अब एक मजबूत वैश्विक ताकत बन चुका है। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकवादियों का सख्त जवाब दिया गया।
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पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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सरकार ने बुधवार को बताया कि भारत जल्द नए रक्षा कार्यक्रम 'सुदर्शन चक्र मिशन' पर काम करेगा। इस मिशन के तीन मुख्य लक्ष्य हैं। इसमें पहला लक्ष्य है- भविष्य के युद्ध कैसे होंगे, इसका पहले से अनुमान लगाना। इसके लिए विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे 'प्रीडिक्टिव टेक्नोलॉजी' कहा जाता है। दूसरा लक्ष्य है – ऐसे हथियार और प्रणाली बनाना जो सटीक निशाना साधने वाले हों। यानी हमला सिर्फ उस जगह पर हो जहां जरूरत है। तीसरा लक्ष्य है – यह सब तकनीकें भारत में ही बनाना, ताकि देश आत्मनिर्भर हो सके। सरकार का कहना है कि यह मिशन भविष्य में आने वाले खतरों से देश की रक्षा के लिए तैयार किया गया है।
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प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) ने बुधवार को देश की सुरक्षा स्थिति को लेकर एक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में बीते 11 वर्षों में रक्षा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े कई बदलावों की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट का नाम 'भारत की रक्षा और आंतरिक्ष सुरक्षा में बदलाव' है। इसमें आंकड़े और घटनाओं के जरिए बताया गया है कि भारत की सुरक्षा नीति कैसे बदली है और अब वह पहले से ज्यादा मजबूत और स्पष्ट दिशा में बढ़ रही है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि अब भारत पहले जैसा नहीं रहा। मौजूदा सरकार के तहत भारत एक मजबूत वैश्विक ताकत बन चुका है। अब भारत बिना किसी दबाव के दुनिया के मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने कहा है कि भारत ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर एक सख्त और स्पष्ट नीति अपनाई है। पिछले दस वर्षों में जो कदम उठाए गए हैं, वे इस नीति में भी दिखते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सबसे हालिया और बड़ा जवाब मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के रूप में देखा गया। यह कार्रवाई पहलगाम में आम नागरिकों की हत्या के जवाब में की गई थी। उस समय भारत सरकार ने सेना को पूरी छूट दी थी कि वे जैसे चाहें, वैसे जवाब दें।

सेना ने ड्रोन और सटीक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इस कार्रवाई में 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया गया। इनमें वे भी शामिल थे जो आईसी814 विमान अपहरण और पुलवामा हमले से जुड़े थे। पाकिस्तान ने जवाब में ड्रोन और मिसाइल से हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारत की एंटी-ड्रोन प्रणाली ने उन हमलों को नाकाम कर दिया।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर को 'एक नया सामान्य' बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब भी आतंकवाद हमारे नागरिकों को खतरा पैदा करेगा, भारत पूरी ताकत से जवाब देगा। सरकार ने कहा कि सिर्फ तुरंत जवाब देना ही नहीं, बल्कि लंबे समय के खतरों के लिए भी तैयारी की जा रही है।


 
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