विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेस की। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने और भारतीय सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की जानकारी साझा की है। इसके साथ ही उन्होंने पाकिस्तान नकेल कंसने के लिए आईएमएफ से भी अपील की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने गुरुवार को पाकिस्तान को दिए गए ऋणों की समीक्षा को लेकर होने वाली आईएमएफ की बैठक पर कहा, हमारे पास आईएमएफ में एक कार्यकारी निदेशक हैं। कल आईएमएफ के बोर्ड की बैठक है और मुझे यकीन है कि हमारे कार्यकारी निदेशक भारत की स्थिति को सामने रखेंगे। बोर्ड का निर्णय एक अलग मामला है।
पैकेज देने से पहले डेटा चेक कर ले आईएमएफ- मिसरी
विदेश सचिव ने कहा कि लेकिन मेरा मानना है कि पाकिस्तान के संबंध में मामला उन लोगों को खुद देखना चाहिए जो इस देश को बचाने के लिए अपनी जेबें खोलते हैं। मुझे लगता है कि आपके पास इस बात का डेटा होगा कि पैकेज देने वालों को देखना होगा पाकिस्तान ने इसका कैसे इस्तेमाल किया है। उन्हें पिछले तीन दशकों में कई कार्यक्रम स्वीकृत किए गए हैं और मुझे लगता है कि आपको इस बात का भी अंदाजा होगा कि उनमें से कितने कार्यक्रम सही साबित हुए हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक ऐसा निर्णय है जिसे बोर्ड के सदस्यों को लेना है।
बता दें कि कल आईएमएफ की बैठक होने वाली है। जिसमें पाकिस्तान के लिए बेलआउट पैकेज का एलान किया जाना है। माना जा रहा है कि भारत आईएमएफ में पाकिस्तान की करतूतों का खुलासा कर पैकेज का विरोध करेगा।
पाकिस्तान के 10 झूठ: भारत ने कहा- पड़ोसी मुल्क जन्म से झूठा, उसने राजकीय सम्मान देकर आतंकियों का जनाजा निकाला
आतंकियों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा, उनके जनाजे में सेना मौजूद थी
विक्रम मिस्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकी इमारतें को ही निशाना बनाया गया था। पाकिस्तान दावा कर रहा है कि भारत के ऑपरेशन में सिर्फ नागरिक मारे गए। वहां आतंकवादियों के अंतिम संस्कार की तस्वीरें देखिए। अगर कोई आम नागरिक मारा गया है तो पाकिस्तानी सेना के अधिकारी हाफिज सईद के साथ क्यों खड़े हुए थे।
आतंकवादियों के शव को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया था। उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार पूरी सच्चाई बयां करता है। पाकिस्तान का दावा पूरी तरह से झूठा है। हमने जिन्हें टारगेट बनाया उनमें कुछ ऐसी इमारतें थीं, जहां कट्टरपंथ और ट्रेनिंग दी जाती थी और इन्हें धार्मिक इमारतों की आड़ में छिपाया जाता था।
भारतीय विमानों को मार गिराए जाने के दावे पर विक्रम मिस्री ने कहा, जब सही समय होगा तो आधिकारिक तौर पर आपको सूचना दी जाएगी। पाकिस्तान का जन्म लेते ही झूठ शुरू हो गया था। 1947 में संयुक्त राष्ट्र से कहा था कि कश्मीर पर हमला करने वाले कबायली हैं। हमारी फौजों और हमारी फौजों ने देखा था तब कि वहां पर पाकिस्तान की फौज थी। झूठ की यात्रा 75 साल पहले शुरू हो चुकी है।