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2025 तक चीन को पछाड़ देगा भारतः हार्वर्ड रिपोर्ट

Tue, 11 Jul 2017 01:41 PM IST
बीबीसी हिन्दी
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india china flag - फोटो : GETTY IMAGES
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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के अनुसार साल 2025 तक भारत 7.7 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर के साथ चीन की अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ देगा। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के सेंटर फ़ॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (सीआईडी) ने 2025 तक सबसे तेज़ी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्थाओं की सूची में भारत को सबसे ऊपर रखा है।
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इस दौरान चीन की सालाना वृद्धि दर 4.41 प्रतिशत तक रहने की संभावना जताई गई है। सीआईडी की रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ सालों में वैश्विक वृद्धि के मामले में भारत लगातार आगे बढ़ रहा है। जिसकी वजह से वैश्विक आर्थिक विकास की धुरी चीन से खिसककर भारत की तरफ़ बढ़ गई है।


रिसर्च बताती है कि भारत ने अपने निर्यात को नए क्षेत्रों तक पहुंचा कर नया आयाम दिया है। इसमें रसायन, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए क्षेत्र शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ़ तेल निर्यात पर आधारित अर्थव्यवस्थाओं को ख़ासा नुकसान झेलना पड़ा है।
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रिपोर्ट के अनुसार जिन अर्थव्यवस्थाओं के सबसे तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है। उसमें भारत के साथ तुर्की, युगांडा, इंडोनेशिया और बुल्गारिया शामिल हैं।
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चीन - फोटो : GETTY IMAGES
आने वाले 10 सालों में पाकिस्तान की सालाना वृद्धि दर भी ख़ासी तेज़ रहने की उम्मीद है। रिसर्च का अनुमान है कि साल 2025 तक पाकिस्तान 6 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर के हिसाब से चीन को पछाड़ देगा। हालांकि चीन और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्थाओं में बहुत ज्यादा अंतर है। फ़िलहाल चीन की अर्थव्यवस्था 12 ट्रिलियन डॉलर है। जबकि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था इस समय 300 बिलियन डॉलर की ही है।


सेंटर फ़ॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट ने अपनी रिसर्च के लिए सभी देशों को तीन प्रमुख श्रेणियों में बांटा है। पहली श्रेणी में वे देश हैं जो थोड़े सुधार से अपने उत्पादों में विविधता ला सकते हैं। जैसे बांग्लादेश, इक्वेडोर और गुएना। दूसरी श्रेणी में वे देश हैं जिनके पास पर्याप्त क्षमताएं हैं। ताकि वे आसानी से वृद्धि और विविधता हासिल कर सकते हैं।


इसमें भारत, इंडोनेशिया और तुर्की शामिल हैं। तीसरी श्रेणी उन देशों की है। जो विकसित देश हैं जैसे जापान, जर्मनी और अमरीका जो क़रीब-क़रीब हर मौजूद चीज़ का उत्पादन करते हैं। इस श्रेणी के देशों की अर्थव्यवस्था धीमी रफ़्तार से बढ़ेगी।
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