भारत परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में शामिल होने के लिए परमाणु हथियार अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर करने जैसी कोई शर्त नहीं। लोकसभा में बुधवार को एक प्रश्न के जवाब में विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने ये जानकारी दी। उन्होंने भारत की एनएसजी सदस्यता से जुड़ा आवेदन ग्रुप के सामने विचाररत होने की बात बताते हुए कहा, सरकार एनएसजी और उसके सदस्यों के सामने उचित स्तर पर भारतीय आवेदन के संबंध में लगातार संपर्क में है।
विदेश राज्यमंत्री ने ये भी कहा कि भारत एनएसजी के आंतरिक वार्तालाप का हिस्सा नहीं है, हालांकि कोई भी सदस्य स्पष्ट तौर पर भारत की सदस्यता के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा, भारत के एनपीटी से बाहर होने को लेकर अवश्य कुछ प्रक्रियागत विरोध सामने आते रहते हैं।
हालांकि विदेश राज्यमंत्री सिंह ने स्पष्ट किया कि एनपीटी को लेकर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं है। उन्होंने कहा, एनएसजी से जुड़ने के लिए शर्त के तौर पर एनपीटी पर हस्ताक्षर करने जैसा कोई प्रस्ताव सरकार की जानकारी में नहीं है। बता दें कि नई दिल्ली को अमेरिका और फ्रांस समेत कई देशों से मजबूत समर्थन मिलने के बावजूद चीन लगातार विरोध कर भारत की एनएसजी सदस्यता की राह में बाधा बनता रहा है।